केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज किया है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के विरोध में कश्मीर घाटी में भारी विरोध प्रदर्शन हुए हैं. मंत्रालय के मुताबिक इस दौरान कश्मीर घाटी में छोटे-मोटे प्रदर्शन ही देखने को मिले हैं. पीटीआई के मुताबिक मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने दावा किया है, ‘श्रीनगर/बारामूला में छिटपुट प्रदर्शन हुए हैं और इनमें से किसी प्रदर्शन में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं रहे.’

इससे पहले न्यूज चैनल अल-जजीरा ने खबर दी थी कि श्रीनगर में शुक्रवार की नमाज के लिए कर्फ्यू में ढील दिए जाने के बाद हजारों आम लोगों ने धारा 370 को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था और रैली निकाली थी. इस खबर में यह भी दावा किया गया था कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों ने हवा में गोलियां चलाई थीं, साथ ही आंसू गैस का इस्तेमाल किया था. रॉयटर्स के हवाले से अल-जजीरा का यह भी कहना है कि प्रदर्शनकारियों की संख्या दस हजार से ज्यादा थी. इसे गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ‘मनगढ़ंत और फर्जी’ खबर करार दिया है.

बीते सोमवार को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को अप्रभावी बनाने का ऐलान किया था. साथ ही उसने राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा की थी. इसके बाद से घाटी में इंटरनेट और फोन सेवाओं पर पूरी तरह से रोक लगी हुई थी लेकिन इसे शुक्रवार को ही आंशिक रूप से हटाया गया था.