उत्तर प्रदेश के एक व्यापारी ने चंदौसी रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कर्मियों पर उससे 50 हजार रुपये और कुछ कीमती सामान लूटने का आरोप लगाया है. इस व्यापारी का यह भी दावा है कि उसे चंदौसी में पुलिस स्टेशन पर रातभर कैद करके रखा गया.

इंडिया टुडे की एक खबर के मुताबिक इस व्यापारी का नाम अंकित रस्तोगी है. अंकित का कहना है कि वे शुक्रवार की रात को चंदौसी स्टेशन पर मौजूद वॉटरकूलर का पानी पीने गए थे. इस दौरान वहां स्थित पुलिस स्टेशन पर मौजूद जीआरपी के कुछ पुलिसवालों ने उन्हें अपने पास बुलाया. ये उस समय अपनी वर्दी में नहीं थे. अंकित ने बताया है, ‘वहां इन पुलिस वालों ने मुझसे 71 हजार रुपये छीन लिए. मेरा मोबाइल फोन और अंगूठी भी ले ली. इन लोगों ने मुझे पूरी रात थाने में बंद करके रखा और सुबह जब छोड़ा तो मैंने कहा कि मुझे किसी को पैसा देना है. तब मुझे 21 हजार रुपये वापस किए गए.’

अंकित के मुताबिक पुलिस वालों ने उनसे एक कागज पर दस्तखत भी करवाए थे ताकि वे अगर उनके खिलाफ कोई शिकायत करें तो इस दस्तावेज के दम कर उन्हें ही गिरफ्तार किया जा सके. बताया जा रहा है कि यह घटना सामने आने के बाद भाजपा के स्थानीय नेताओं ने जीआरपी पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया है. वहीं जीआरपी के एक अधिकारी देवी दयाल ने बताया है कि इस मामले में रेलवे पुलिस ने हेमंत, वसीम और अकील नाम के तीन कॉन्टेबलों को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही रेलवे पुलिस के अधीक्षक पीके तिवारी ने अंकित को उनका पैसा लौटाने का निर्देश भी दिया है.