शनिवार को दिनभर चली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद भी पार्टी के नए अध्यक्ष का चयन नहीं हो पाया है. शनिवार को रात में करीब 11 बजे यह बैठक खत्म हुई और इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने मीडिया को बताया कि सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष होंगी. हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के मुताबिक इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति ने राहुल गांधी को अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने के लिए काफी मनाया था लेकिन वे तैयार नहीं हुए. इसके बाद ही बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया कि अगर वे अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो फिर सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया जाए और उन्हीं की देखरेख में नए अध्यक्ष का चुनाव हो.

कांग्रेस की 54 सदस्यीय इस शीर्ष संस्था की एक बैठक शनिवार को ही दोपहर में भी हुई थी. तब राहुल गांधी ने सुझाव दिया था कि पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की कवायद में राज्य के नेताओं को भी शामिल किया जाए. इसके बाद कांग्रेस कार्यसमिति ने पांच जोनल समूह बनाए जिनमें राज्यों के नेता भी शामिल थे. इनमें राहुल गांधी को पश्चिमी और सोनिया गांधी को पूर्वी जोन में शामिल किया गया था. लेकिन इन दोनों से खुद को यह कहकर इस प्रक्रिया से अलग कर लिया कि इससे दूसरे नेताओं की राय प्रभावित हो सकती है. कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तरी जोन में तो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह दक्षिणी जोन में शामिल किए गए थे.

कांग्रेस कार्यसमिति की दूसरी बैठक शनिवार शाम को शुरू हुई थी. बताया जा रहा है कि इस दौरान भी इन पांचों समूहों की चर्चा में कई नेताओं ने बार-बार मांग उठाई थी कि राहुल गांधी को ही पार्टी की कमान सौंपी जाए, लेकिन वे भी अपने इस्तीफे पर अड़े रहे.

सोनिया गांधी कांग्रेस की 19 साल तक अध्यक्ष रही हैं और उन्होंने दिसंबर 2017 में अपने पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष बने थे. बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.