कांग्रेस ने अंतरिम अध्यक्ष चुना है लेकिन जनता को लग रहा है कि उसने अंतिम अध्यक्ष चुना है.


संसद में अनुच्छेद-370 पर गुलाम नबी आजाद की प्रतिक्रिया बिलकुल कश्मीर की तरह कन्फ्यूजन वाली थी... न गुलाम और न ही पूरी तरह आजाद!


मोदी जी जब गुजरात से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने कहा था कि वे देश की विचारधारा बदलने आए हैं. फिर पहले कार्यकाल में उन्होंने देश के विचार बदले और दूसरे में धारा (370).


सप्ताह का कार्टून :
‘जहां-तहां भीषण बाढ़ आई हुई है लेकिन चर्चा सिर्फ 370 की है’

स्रोत : सतीश आचार्य के ट्वीट से

इमरान खान – भारत के साथ कारोबार बंद किया जाए.
सेक्रेटरी – ठीक है.
इमरान – वैसे हम वहां सबसे ज्यादा क्या भेजते हैं?
सेक्रेटरी – आतंकवादी.
इमरान – तो फिर प्लान कैंसल.


(इन दिनों कश्मीर में)
‘भैया, 500 का चेंज देना’
‘ये लीजिए’
‘ये तो सिर्फ 130 हैं, बाकी के 370 कहां गए?’
‘वो तो अमित शाह ले गए!’


राजनाथ सिंह एक कार्यक्रम में - जैसा पड़ोसी हमें मिला है, परमात्मा किसी को न दे.
(कार्यक्रम में बैठे लोग समझ नहीं पाए कि यह बात पाकिस्तान के बारे में कही गई है या लोकसभा में राजनाथ सिंह के बगल में बैठने वाले अमित शाह के बारे में)