पाकिस्तान के लाहौर शहर में स्थित महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा के साथ कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की है. पीटीआई के मुताबिक लाहौर पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और ईशनिंदा कानून के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिये जाने से ये दोनों व्यक्ति नाराज थे. इनका संबंध पाकिस्तान के कट्टरपंथी मौलवी मौलाना खादिम रिजवी के संगठन तहरीक-लब्बैक से बताया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लाहौर में किलों की देखरेख करने वाली संस्था ‘द वॉल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी’ ने घटना पर हैरानी जताई. संस्था का कहना है कि ईद के तुरंत बाद प्रतिमा की मरम्मत कराई जायेगी.

संस्था की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. हम लाहौर किले में सुरक्षा बढ़ाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना ना हो. प्रतिमा की मरम्मत का काम अगले सप्ताह किया जाएगा. एक बार मरम्मत होने के बाद इसे फिर से जनता के लिए खोल दिया जाएगा.’

19वीं सदी के प्रांरभ में उत्तर-पश्चिमी भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन करने वाले महाराजा रणजीत सिंह की नौ फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण इसी साल जून में किया गया था. महाराजा रणजीत सिंह का 1839 में निधन हो गया था. कांसे से बनी इस प्रतिमा में महाराजा सिख पोशाक पहने, हाथ में तलवार लिए एक घोड़े पर बैठे दिखाई देते हैं.