आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी और उनके पिता दीपक पुरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने उनका दिल्ली स्थित 300 करोड़ रुपये का मकान जब्त कर लिया है. साथ ही उनकी 284 करोड़ रुपये की एफडीआई रकम भी जब्त की गई है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. आयकर विभाग ने यह कार्रवाई 1350 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले में की है. इससे पहले विभाग ने रतुल पुरी की 254 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त की थी.

एससी-एसटी के लिए सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की फीस में 24 गुना बढ़ोतरी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा फीस बढ़ा दी है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक सामान्य वर्ग के छात्र को अब 750 रुपये की जगह 1500 रुपये देने होंगे. वहीं, एससी-एसटी वर्ग के लिए यह वृद्धि 24 गुना की गई है. अब इन्हें 50 रुपये की जगह 1200 रुपये चुकाना होगा. यह फीस पांच विषयों के लिए है. यदि कोई छात्र अतिरिक्त विषय लेता है तो उसे 300 रुपये और चुकाने होंगे. इससे पहले एससी-एसटी छात्रों से इसके लिए कोई फीस नहीं वसूली जाती थी. वहीं, सामान्य वर्ग को 150 रुपये चुकाने होते थे. बताया जाता है कि यह बढ़ोतरी अगली परीक्षा से लागू होगी. जो स्कूल पहले ही फीस ले चुके हैं, उन्हें छात्रों से बकाया वसूलने को कहा गया है. सीबीएसई ने फीस में यह बढ़ोतरी अगले पांच वर्षों के लिए की है.

नकली उत्पादों से कंपनियों को सालाना एक लाख करोड़ रु की चपत

आर्थिक मंदी से जूझ रहे कारोबार जगत के लिए नकली उत्पादों का बढ़ता बाजार बड़ा सिरदर्द साबित हो रहा है. अमर उजाला ने उद्योग संगठन ऑथोटिकेशन सॉल्यूशन्स प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (एएसपीए) के हवाले से कहा है कि इसके चलते कंपनियों को सालाना एक लाख करोड़ रुपये की चपत लगती है. इसकेलिए एसोसिएशन ने सरकार से सही पहचान की तकनीक, निगरानी और जागरूकता बढ़ाने की मांग की है. एएसपीए के अध्यक्ष नकुल पश्रिका का कहना है, ‘पिछले कुछ वर्षों में नकली उत्पादों का बाजार काफी बढ़ गया है. यह कुल वैश्विक कारोबार का 3.3 फीसदी हो गया है. ऐसे नकली उत्पादों की बिक्री से कंपनियों और सरकारों को तो नुकसान होता ही है, इसकी रकम आपराधिक संगठनों तक भी पहुंचती है.’ उनका आगे कहना है कि फार्मा क्षेत्र में नकली उत्पादों की सबसे अधिक घुसपैठ है.

सीएसआईआर की वैश्विक रैंकिंग में भारी गिरावट

केंद्र सरकार द्वारा शोध कार्यों को बढ़ावा देने के दावों के बीच अहम संस्थान वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ऐसे संस्थानों की वैश्विक रैंकिंग में कई पायदान नीचे लुढ़क गया है. साथ ही, इसके तहत आने वाले 15 शोध प्रयोगशालाओं की भी रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक साल 2019 में सीएसआईआर 138 वें पायदान पर पहुंच गया. दो साल पहले यह 75वें स्थान पर था. वहीं, नेशनल केमिकल लेबोरेट्री-पुणे की रैंकिंग भी 275 से 423 तक पहुंच गई है. बताया जाता है कि इस वैश्विक रैंकिंग को तीन मानकों के आधार पर तैयार किया जाता है. शोध के लिए 50 फीसदी वेटेज दिया जाता है तो इनोवेशन (नई चीजों की खोज) के लिए 30 फीसदी और संबंधित शोध के समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के लिए 20 फीसदी वेटेज दिया जाता है.

जोमैटो के कर्मचारियों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया

ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो एक बार फिर विवादों में घिरता हुई दिख रही है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के हावड़ा में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कंपनी उससे बीफ और पोर्क की डिलीवरी करा रही है, जिससे उनकी भावनाएं आहत हो रही हैं. उनके मुताबिक कंपनी उनकी मांगों को नहीं सुन रही है और उन्हें इसके लिए मजबूर किया जा रहा है. बताया जाता है कि इसके खिलाफ कंपनी के स्टाफ बेमियादी हड़ताल पर हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री राजीब बनर्जी का इस मामले पर कहना है, ‘कंपनी को किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म के खिलाफ जाने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए. इस संबंध में मुझे जानकारी मिली है. मैं इस मामले को देखूंगा.’

अनचाहे कॉल और संदेशों की संख्या में दोगुने से अधिक बढ़ोतरी

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की कोशिशों के बाद भी अनचाहे कॉल और संदेशों से मोबाइल फोन धारकों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक बीते दो वर्षों में इस संबंध में शिकायतों की संख्या में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. साल 2016 में ट्राई को इससे 161 शिकायतें मिली थीं. वहीं, 2018 में यह आंकड़ा बढ़कर 369 हो चुका है. वहीं, इस साल अब तक 155 शिकायतें दर्ज की गई हैं. बताया जाता है कि प्राधिकरण इस समस्या से उपभोक्ताओं को निजात दिलाने के लिए निगरानी प्रणाली स्थापित करने पर काम करना शुरू कर चुका है.