जम्मू-कश्मीर में भाजपा के सहयोगी रहे सज्जाद लोन को हिरासत में लिए जाने की खबर है. इसे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के मद्देनजर की जा रही कार्रवाइयों से जोड़ कर देखा जा रहा है. खबर के मुताबिक सज्जाद लोन को श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कंवेन्शन सेंटर से हिरासत में लिया गया. पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जान लोन की पत्नी आसमा खान ने इसकी पुष्टि करते हुए उनके भविष्य को लेकर चिंता जताई है. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘उनकी भावी गतिविधियों के बारे में सोचना हमारे लिए काफी मुश्किल है.’

सज्जाद लोन भाजपा के करीबी कश्मीरी नेता के रूप में जाने जाते हैं. नवंबर, 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के साथ ही सज्जाद ने उन्हें अपना ‘बड़ा भाई’ भी बताया था. तब पीडीपी-भाजपा गठबंधन वाली जम्मू-कश्मीर सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था. वहीं, पिछले साल जब नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने निकाय चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला किया, तो पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न कराने में लोन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

लेकिन जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का लोन ने कड़ा विरोध किया था. संसद द्वारा अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में किए गए बदलावों के खिलाफ श्रीनगर में हुई सर्वदलीय बैठक में भी उन्होंने हिस्सा लिया था.