केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक मोबाइल एप्लिकेशन की शुरुआत की है जिसके माध्यम से लोग शहरी नगर निकायों से अपने घर का कचरा उठवा सकेंगे. हालांकि यह सुविधा उन्हें मुफ्त में नहीं मिलेगी. ‘स्वच्छ नगर एप’ नाम के इस एप से सेवा हासिल करने के लिए लोगों को नगर निकायों को भुगतान करना होगा. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के मुताबिक इस एप पर कचरा उठाने वाले वाहन को भी ट्रैक किया जा सकता है और इस तरह नगरीय निकायों की जवाबदेही भी तय की जाएगी.

पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की शुरुआत करते हुए इस एप को लॉन्च किया है. इस दौरान उन्होंने कहा है कि इस सर्वेक्षण का फोकस नागरिकों को इसमें शामिल करना होता है, चाहे यह फीडबैक के माध्यम से ही क्यों न हो. इस बार सर्वेक्षण की थीम ‘स्वच्छता हमारा अधिकार’ है. इस दौरान पुरी ने जानकारी दी है कि 24 राज्यों और 3,800 से ज्यादा शहरों ने अब तक खुद को खुला शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया है. केंद्र सरकार ने इस साल दो अक्टूबर पूरे देश को ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा है.

वहीं स्वच्छ नगर एप के बारे में चर्चा करते हुए मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बताया है कि लोग इस एप के जरिए ठोस कचरा, गीला कचरा या फिर निर्माण कार्यों के चलते फैले मलबे को उठवाने के लिए नगर निकायों से संपर्क कर सकते हैं.