‘नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है.’

— बिपिन रावत, थल सेना के प्रमुख

बिपिन रावत ने यह बात पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘सभी देश सतर्कता बरतते हुए सेना की तैनाती और उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों को अंजाम देते हैं.’ इसके साथ ही बिपिन रावत का यह भी कहना था, ‘सीमा पर अगर कुछ भी गड़बड़ी होती है तो भारतीय सेना उससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.’ इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान की तरफ से नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सैन्य गतिविधियां बढ़ाए जाने की खबरें आई थीं.

‘जम्मू-कश्मीर से जिस तरह धारा 370 हटाई गई वो असंवैधानिक है.’

— प्रियंका गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव

प्रियंका गांधी ने यह बात उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने इसे ‘लोकतांत्रिक सिद्धांतों’ के विरुद्ध भी बताया और कहा, ‘ऐसा कुछ करने के लिए नियम बने हैं लेकिन इस मामले में उन नियमों का पालन नहीं किया गया.’


‘जम्मू-कश्मीर आने के लिए आपके विमान की जरूरत नहीं है.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के नेता

राहुल गांधी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के एक बयान पर पलटवार करते हुए कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आने के लिए आपका निमंत्रण स्वीकार करता हूं. वहां आने पर आप इतनी आजादी दे दीजिएगा कि हम लोगों, सैनिकों और मुख्यधारा के नेताओं से मिल सकें.’ इससे पहले इसी सोमवार सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनके लिए विमान भेजने की बात कही थी ताकि वे घाटी की जमीनी हकीकत जान सकें.


‘पी चिदंबरम धरती के बोझ हैं.’

— के पलानिस्वामी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री

के पलानिस्वामी ने यह बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम के एक बयान पर तंज कसते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘पी चिदंबरम ने कभी देश के बारे में नहीं सोचा और हमेशा अपने निजी हितों की चिंता की है.’ इस मौके पर के पलानिस्वामी ने यह भी कहा, ‘चिदंबरम लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री रहे लेकिन उन्होंने कभी कावेरी जलविवाद पर टिप्पणी नहीं की. मैं उनसे पूछता हूं कि देश को उन्होंने क्या फायदा पहुंचाया है.’ इससे पहले चिदंबरम ने कहा था, ‘अगर सात क्षेत्रीय दलों ने विपक्ष को सहयोग दिया होता तो राज्यसभा में सरकार धारा 370 हटाने संबंधी प्रस्ताव पास नहीं करवा पाती.


‘सुरक्षा परिषद में वे हमारे लिए फूलमाला लेकर नहीं खड़े हैं.’

— शाह महमूद कुरैशी, पाकिस्तान के विदेश मंत्री

शाह महमूद कुरैशी ने यह बात भारत द्वारा कश्मीर में धारा 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में उठाए जाने को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘इस मसले को आगे ले जाना काफी ​जटिल है क्योंकि सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से कोई भी रुकावट बन सकता है.’ शाह महमूद कुरैशी ने आगे कहा, ‘धारा 370 के मुद्दे पर मदद के लिए चीन ने हमें आवश्वस्त किया है. इसके अलावा प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे लेकर तुर्की, ईरान और इंडोनेशिया सहित कई दूसरे मुल्कों की सरकारों से भी संपर्क किया है.’