सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में फोन और इंटरनेट सहित तमाम सेवाओं पर लगी पाबंदियों को हटाने के लिए कोई निर्देश देने से इनकार कर दिया है. ये पाबंदियां राज्य में धारा 370 निष्प्रभावी करने के बाद से लागू हैं. शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार को हालात सामान्य करने के लिए समुचित समय देने की जरूरत है. इस खबर को आज के ज्यादातर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसके अलावा वाहनों की बिक्री में 18.71 फीसदी की गिरावट को भी अखबारों ने मुख्य पृष्ठ की खबर बनाया है. बीते 19 साल के दौरान इस उद्योग में यह सबसे बड़ी गिरावट है जिसके चलते 10 लाख से ज्यादा नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है.

जम्मू-कश्मीर के परिसीमन पर काम शुरू

जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के लिए परिसीमन की कवायद शुरू कर दी गई है. जनसत्ता की खबर के मुताबिक मंगलवार को चुनाव आयोग ने इस सिलसिले में एक बैठक बुलाई थी. इसमें जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी से नए परिसीमन को लेकर जानकारी मांगी गई. बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय के औपचारिक अनुरोध के बाद आयोग परिसीमन की कार्रवाई शुरू करेगा. राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नाम के दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा जाना है. इनमें जम्मू-कश्मीर की अपनी विधानसभा भी होगी.

पुराने पड़ चुके सिस्टम के चलते अभिनंदन को वार रूम से मैसेज नहीं मिला था

इसी साल 27 फरवरी को पाकिस्तान की सीमा के भीतर मिग-21 विमान लेकर घुसे भारतीय विंग कमांडर अभिन्दन वर्तमान के विमान में आधुनिक तकनीक नहीं थी. हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी एक खबर में यह जानकारी दी है. इसके मुताबिक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का पीछा करते हुए अभिनंदन पड़ोसी देश की सीमा में इसलिए घुस गए थे कि उनके विमान के संचार उपकरणों को दुश्मन ने जैम कर दिया था. उधर, उनके विमान में आधुनिक जैमर्स नहीं थे. इसके चलते वॉर रूम से मिल रही जानकारी उन तक नहीं पहुंच पाई और वे पाकिस्तानी सीमा के भीतर चले गए. भारतीय वायु सेना के अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक एंटी-जैमिंग तकनीक की ज़रूरत के बारे में सरकार को बताया गया है. विंग कमांडर अभिनंदन के विमान को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मार गिराया गया था. इसके बाद अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया था.

एनआरसी डेटा की फिर से पुष्टि नहीं होगी : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) डेटा सूची की फिर से जांच का अनुरोध करती एक याचिका को ख़ारिज कर दिया है. यह अनुरोध असम सरकार ने किया था. एशियन एज के मुताबिक शीर्ष अदालत का यह भी कहना था कि आधार डेटा की तरह एनआरसी डेटा के साथ भी सुरक्षा चिंताएं जुड़ी हुई हैं और इस कारण इसके लिए उचित व्यवस्था बनाई जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी की सूची बाहर रखे गए लोगों के नाम 31 अगस्त को सिर्फ ऑनलाइन प्रकाशित करने का आदेश दिया है. अदालत का यह भी कहना है कि जो लोग इसमें शामिल हैं उनके संबंधित सूची की हार्ड कॉपियां संबंधित जिला मुख्यालयों में भेजी जाएं.

उत्तर प्रदेश में खुले में नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में खुले में नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. दैनिक जागरण के मुताबिक पहले यह रोक सिर्फ अलीगढ़ और मेरठ जिलों में थी, लेकिन अब यह पूरे राज्य में लागू होगी. इससे संबंधित आदेश में कहा गया है कि विशेष आयोजनों के दौरान अगर सड़क या किसी सार्वजनिक जगह पर नमाज पढ़ने की जरूरत पड़े तो इसके लिए पहले जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. राज्य के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि यह कदम लोगों को व्यवधान से बचाने और ट्रैफिक जाम की समस्या को रोकने के लिए उठाया गया है.

सीबीआई राजनीतिक मामलों में बुरा प्रदर्शन करती है

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सीबीआई के कामकाज को लेकर अहम टिप्पणी की है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उन्होंने कहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी हाई प्रोफाइल राजनीतिक मामलों में अक्सर बुरा प्रदर्शन करती है. रंजन गोगोई ने यह बात सीबीआई के ही एक कार्यक्रम में कही. मुख्य न्यायाधीश का कहना था कि जिस तरह का नियंत्रण सीबीआई पर है उसके चलते इसके राजनीतिक हथियार बनने की संभावना हमेशा रहती है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी के कामकाज के अहम पहलुओं को सरकारी दखल से अलग करने की कोशिश होनी चाहिए.