ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. साथ ही सवालिया लहजे में कहा है, ‘धारा 370 हटने से कश्मीर के लोग अगर खुश हैं तो घाटी में इमरजेंसी जैसे हालात क्यों हैं. क्यों लोगों को घरों में बंद करके रखा गया है. क्यों संचार के साधन काम नहीं कर रहे.’ इसके साथ ही असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा, ‘अगर लोग खुश हैं तो उन्हें घरों से बाहर निकलकर खुशी मनाने की इजाजत दी जानी चाहिए.’

खबरों के मुताबि​क उन्होंने यह बातें एमआईएम के मुख्यालय में ईद मिलाप कार्यक्रम के दौरान दिए संबोधन में कही. इस मौके पर ओवैसी ने धारा 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने को ‘ऐतिहासिक भूल’ और असंवैधानिक भी बताया. साथ ही कहा, ‘नरेंद्र मोदी के पास पंडित नेहरू और सरदार पटेल जैसा राजनीतिक ज्ञान नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी धारा 370 और 35ए को स्वीकार करते हुए उसका समर्थन किया था.’

एमआईएम प्रमुख ने यह भी कहा, ‘मैं समझता हूं कि केंद्र की मौजूदा सरकार को कश्मीरियों से नहीं ​बल्कि कश्मीर की जमीन से प्यार है. इस सरकार को ताकत से मतलब है जबकि न्याय से उसका कोई लेना-देना नहीं. नरेंद्र मोदी यह सब कुछ सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए कर रहे हैं लेकिन मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि कोई व्यक्ति न अनंतकाल तक जीवित रह सकता है और न ही शासन कर सकता है.’

इसके साथ ही ओवैसी ने अभिनेता से नेता बने रजनीकांत द्वारा नरेंद्र मोदी और अमित शाह को ‘कृष्ण-अर्जुन’ जैसा बताए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी. साथ ही सवालिया लहजे में कहा, ‘अगर मोदी-शाह, कृष्ण-अर्जुन हैं तो फिर कौरव कौन हैं. क्या सरकार देश में एक और महाभारत करवाना चाहती है.’