राजनीति में आने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की नौकरी छोड़ने वाले शाह फैसल को आज दिल्ली में हिरासत ले लिया गया. एनडीटीवी के मुताबिक फैसल यहां से इंस्ताबुल जाने वाले थे. वहीं हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें वापस जम्मू-कश्मीर भिजवा दिया गया. साथ ही सुरक्षा अधिनियम के तहत उन्हें श्रीनगर में नजरबंद भी कर दिया गया है.

शाह फैसल ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को खत्म करने और इस राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने वाले सरकार के फैसले को गलत बताया था. साथ ही यह भी कहा था कि कश्मीर में अप्रत्याशित बंद चल रहा है और यहां के 80 लाख लोगों को कैद कर लिया गया है. उनका यह भी कहना था कि जम्मू-कश्मीर में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.

वहीं इसी मंगलवार को एक ट्वीट के जरिये जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक अधिकारों की बहाली के लिए उन्होंने ‘राजनीतिक जन आंदोलन’ की जरूरत बताई थी. साथ ही यह भी कहा था, ‘राजनीतिक अधिकारों की बहाली के लिए कश्मीर को एक लंबे, निरंतर, अहिंसक जन आंदोलन की जरूरत होगी. अनुच्छेद 370 निरस्त होने से मुख्यधारा खत्म हो गई है. ऐसे में अब आप या तो एक कठपुतली हो सकते हैं या फिर अलगाववादी.’

इसके अलावा बीते दिनों एक अन्य ट्वीट से उन्होंने घाटी में कोई ईद (ईद के दिन) न होने की बात भी कही थी. तब उन्होंने यह भी कहा था कि दुनियाभर के कश्मीरी अपनी जमीन जाने का अफसोस मना रहे हैं. ऐसे में कश्मीर में तब तक कोई ईद नहीं होगी जब तक उन्हें वह सब वापस नहीं लौटाया जाता जिसे 1947 से उनसे छीना गया है.

साल 2009 की आईएएस परीक्षा के टॉपर रहे शाह फैसल ने इसी साल जनवरी में नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद बीते मार्च में उन्होंने ‘जम्मू-कश्मीर पीपल्स मूवमेंट पार्टी’ का गठन किया था. वे इस पार्टी के अध्यक्ष हैं.