राजस्थान के अलवर की एक अदालत ने बहुचर्चित पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में बुधवार को छह आरोपियों को बरी कर दिया. अदालत ने आरोपितों के खिलाफ पुख्ता सबूत न मिलने के कारण उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.

अपर लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह खटाणा ने अलवर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा, ‘अदालत ने छह आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘अभी फैसले की प्रति हमें नहीं मिली है. फैसले का अध्ययन करने के बाद हम ऊपरी अदालत में अपील करेंगे.’

पहलू खान एक अप्रैल 2017 को जयपुर से दो गाय खरीद कर जा रहेे थेे तभी बहरोड़ में भीड़ ने गो-तस्करी के शक में उन्हें रोक लिया. पहलू खान और उसके दो बेटों की भीड़ ने पिटाई की. तीन अप्रैल को इलाज के दौरान अस्पताल में पहूल खान की मौत हो गयी. इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ था, जिसमें से तीन नाबालिग हैं. नाबालिग आरोपितों का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है.

पहलू खान का मामला पूरे देश में काफी चर्चित हुआ था और इसको लेकर तत्कालीन वसुंधरा सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ था. मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को लेकर हाल ही में राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने इसके खिलाफ एक कानून भी पारित किया है.