पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनके देश के लोग ‘कश्मीर की आजादी’ के लिए लड़ने को तैयार हैं. खबरों के मुताबिक उन्होंने यह बात पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में दिए भाषण के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के भारत सरकार के फैसले को ‘रणनीतिक भूल’ बताया और कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना आखिरी रणनीतिक कार्ड खेला है जो भारत को बहुत महंगा पड़ेगा.’

इमरान खान ने यह भी कहा, ‘आज कश्मीर और पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं, वहीं विश्व समुदाय कश्मीर को लेकर चुप है. लेकिन मैं शपथ लेता हूं कि मैं कश्मीर का दूत बनूंगा. साथ ही इस मसले को दुनिया के हर एक मंच पर उठाऊंगा. कश्मीर को लेकर हमने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है. साथ ही हम इसे ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) के समक्ष भी ले जाएंगे.’

इस मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत में मुसलमानों के प्रति हिंसा को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत में आज मुस्लिम समुदाय डर के साये में जी रहा है. इसके साथ ही मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने कश्मीर के ताजा घटनाक्रम को भारत के मुस्लिम समुदाय के लिए चेतावनी जैसा बताया.

इमरान खान ने आगे कहा, ‘पाकिस्तान के पास इस बात की ठोस जानकारी है कि भारत ने पीओके में भी कार्रवाई की योजना बनाई है. लेकिन मैं भारत से कहूंगा ​कि अगर आपने कोई कार्रवाई की तो हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे. हम अंत तक जाएंगे. अगर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो उसकी जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय संगठनों की होगी.’

यह कोई पहला मौका नहीं जब जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को निष्क्रिय किए जाने के बाद इमरान खान ने कश्मीर को लेकर बयान दिया है. वे जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने संबंधी फैसले पर भी आपत्ति जता चुके हैं. वहीं भारत ने उनकी आपत्ति को खारिज करते हुए इसे देश के संविधान के तहत किया गया फैसला बताया है. साथ ही इमरान खान से भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देने के लिए भी कहा है.