जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की छवि पहले से और ज्यादा मजबूत हो गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा-आरएसएस समर्थक गलियारों में इस ‘ऐतिहासिक’ फैसले के लिए अमित शाह को ज्यादा श्रेय दिया जा रहा है. लंबे समय से यह भाजपा के पैतृक संगठन की भी मांग रही थी कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म किया जाए. अमित शाह ने गृह मंत्री बनने के कुछ समय बाद ही यह काम कर दिखाया. यही वजह है कि आरएसएस-भाजपा के लोग शाह को ‘असली लौह पुरुष’ बता रहे हैं.

टेलीग्राफ में प्रकाशित रिपोर्ट की मानें तो संघ के कुछ सदस्यों को अमित शाह अचानक ‘बेबाक लेकिन साहसिक और निर्णायक’ नेता दिखने लगे हैं. उनके मुताबिक कुछ मामलों में तो उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को भी पीछे छोड़ दिया है, जिन्हें संघ असली लौह पुरुष बताता रहा है. खबर के मुताबिक आधिकारिक रूप से भाजपा नेता धारा 370 को लेकर किए गए फैसले के लिए नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों का नाम लेते हैं, लेकिन निजी तौर पर वे कहते हैं कि जिस तरह ‘एक झटके में’ यह कदम उठाया गया, उसमें अमित शाह की भूमिका ज्यादा है.

खबर के मुताबिक भाजपा के एक सांसद ने कहा, ‘गृह मंत्री के रूप में केवल दो महीने में अध्यक्ष जी ने कांग्रेस की उस गलती को सही कर दिया, जिसने 70 सालों तक हमें परेशान किया. अध्यक्ष जी के बिना यह नहीं हो सकता था. लोग उन्हें मुंहफट कह सकते हैं, लेकिन वे ऐसे साहसिक नेता हैं जिनकी देश को जरूरत है.’

अमित शाह को लेकर ऐसा सोचने वाले आरएसएस में भी शामिल हैं. उन्हें भी लगता है कि भाजपा अध्यक्ष के बिना धारा 370 को लेकर इस तरह का कदम नहीं उठाया जा सकता था. इस बारे में संघ के एक नेता ने कहा, ‘मोदी जी की शुभकामनाएं उनकी साथ थीं. लेकिन जिस तरह फैसला लिया गया, उसमें अमित भाई का अंदाज दिखता है. आम आदमी भी यही कहता दिखा कि यह शाह का फैसला है. अमित भाई असली लौह पुरुष हैं.’