भारी बारिश और बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित केरल के लोग एक-दूसरे की हर संभव मदद कर रहे हैं. यहां मलप्पुरम जिले में इसकी एक मिसाल देखने को मिली जब भूस्खलन में मारे गए लोगों के पोस्टमॉर्टम के लिए एक मस्जिद ने अपने दरवाजे खोल दिए. पिछले शुक्रवार से अब तक यहां 59 बाढ़ पीड़ितों के शवों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है. सोमवार को ईद के मौके पर भी यहां पोस्टमॉर्टम का नहीं रुका और किसी ने इस पर आपत्ति नहीं की.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मलप्पुरम के कवालापड़ा गांव में बनी मस्जिद अल-मुजाहिदीन ने पीड़ितों का धर्म देखे बिना अपने मदरसे मृतकों के पोस्टमॉर्टम के लिए सौंप दिए. अब यहां पढ़ने वाली टेबलों को बांध कर पोस्टमॉर्टम टेबल तैयार की गई हैं. पिछले छह दिनों से कई लोगों की अंतिम यात्रा इसी मस्जिद से निकली है.

केरल की पोथुकल पंचायत के सदस्य सुलेमान हाजी ने बताया कि गांव से सबसे नजदीकी सरकारी अस्पताल कम से कम 25 किलोमीटर दूर नीलमबुर में है. सुलेमान ने कहा, ‘बाढ़ और भूस्खलन के बाद नीलमबुर पहुंचना काफी मुश्किल हो गया. ऐसे में जब अधिकारी पोस्टमॉर्टम के लिए जगह देख रहे थे तो हम उनके पास पहुंचे और हमारे परिसर (मस्जिद के) उनके हवाले कर दिए.’

वहीं, मस्जिद की समिति के सचिव करीम कवानासेरी ने कहा, ‘इंसानियत सबसे ऊपर है, धर्म से भी. जब अधिकारियों ने पोस्टमॉर्टम के लिए जगह मांगी तो हमने उन्हें मस्जिद का एक कमरा दिखाया. एक दिन बाद डॉक्टरों ने और जगह मांगी. तब हमने महिलाओं की नमाज के लिए बने हॉल उनके हवाले करने का फैसला किया. हमने शव लाने के बाद उन्हें साफ करने की सुविधा भी मुहैया कराई है.’