जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि अनुच्छेद 370 पर केंद्र के फैसले के बाद राज्य के लोगों को अपनी पहचान को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है. जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद राज्य में पहले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सत्यपाल मलिक ने आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में तिरंगा फहराया. ध्वजारोहण के बाद उन्होंने अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस की परेड का निरीक्षण किया. बाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों की लगातार कार्रवाई से आतंकवादियों ने हार मान ली है. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की है.

इस बीच, जम्मू-कश्मीर में फोन और इंटरनेट सहित तमाम सेवाओं पर पाबंदियां जारी हैं. हालांकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने बताया कि पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद से कश्मीर में शांति बनी हुई है, इसलिए सरकार ने कई इलाकों में लागू निषेधाज्ञा में ढील दी है. केंद्र ने राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का भी फैसला किया है. इसके लिए चुनाव आयोग ने परिसीमन की कवायद भी शुरू कर दी है.