पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर के नेता शाह फैसल को नजरबंद किए जाने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधा है. एक ट्वीट के जरिये सवालिया लहजे में उन्होंने कहा है, ‘क्यों भारत और कश्मीर के एक सपूत (शाह फैसल) की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई है. अभी कुछ साल पहले की बात है जब उन्होंने आईएएस की परीक्षा में टॉप किया था तो एक नायक की तरह उनका सम्मान हुआ था.’ इसी ट्वीट से पी चिदंबरम ने आगे कहा, ‘आज शाह फैसल लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा कैसे बन गए हैं?’

इससे पहले इसी बुधवार को शाह फैसल को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था. तब बताया गया था कि वे दिल्ली से इस्तांबुल जाने वाले थे. वहीं हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें वापस जम्मू-कश्मीर भिजवा दिया गया था. साथ ही सुरक्षा अधिनियम के तहत उन्हें श्रीनगर में नजरबंद भी कर दिया गया था. शाह फैसल 2009 की आईएएस परीक्षा के टॉपर रहे थे. लेकिन इसी साल जनवरी में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद बीते साल उन्होंने ‘जम्मू-कश्मीर पीपल्स मूवमेंट पार्टी’ का गठन किया था. फैसल इस पार्टी अध्यक्ष हैं.

इधर, पी चिदंबरम ने एक अन्य ट्वीट के जरिये जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की आजादी को लेकर भी सवाल उठाए है. उन्होंने कहा है, ‘राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को एकांत कारावास में रखा गया है जबकि एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री को उनके घर में नजरबंद किया गया है. क्यों अलगाववादियों और आतंकवादियों से लड़ने वाले नेताओं को बंद किया गया है.’

इससे पहले बीते हफ्ते संसद में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को निष्क्रिय करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फैसले के बाद वहां के कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था. इन नेताओं में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के अलावा पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती शामिल हैं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे इन तीनों नेताओं के साथ सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर वहां के कई दूसरे अलगाववादी नेताओं को भी नजरबंद किया गया है.