भारत आज जहां अपना 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है तो वहीं पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को लेकर इस दिन को ‘काला दिवस’ के तौर पर मनाया है. खबरों के मुताबिक प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर पाकिस्तान में आज काली बॉर्डर के साथ अखबार प्रकाशित हुए. इसके साथ ही वहां की इमारतों पर काले झंडे भी लगाए गए और कई शहरों में रैलियां ​भी निकाली गईं. इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सहित कुछ दूसरे नेताओं और कई संस्थानों ने अपने ट्विटर हैंडल की प्रोफाइल फोटो भी काली कर ली है.

इससे पहले बीते हफ्ते भारत ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के ज्यादातर प्रावधान हटाने का फैसला किया था. साथ ही देश की संसद ने इस राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का प्रस्ताव भी पारित किया था. उस फैसले के बाद से ही पाकिस्तान विरोध जता रहा है. चीन की मदद से वह इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् सहित दूसरे वैश्विक मंचों पर उठाने की बात भी कह चुका है. इसके अलावा पाकिस्तान ने इसी बुधवार को अपना स्वतंत्रता दिवस ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के रूप में भी मनाया था.

इधर, गुरुवार को इस प्रतीकात्मक विरोध के अलावा एक ट्वीट के जरिये भी इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर को लेकर विश्व बिरादरी का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की. इस ट्वीट से उन्होंने कहा है, ‘भारत अधिकृत कश्मीर में 12 दिनों से कर्फ्यू है. भारी संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी से कश्मीर सैन्य इलाके में तब्दील हो गया है. वहां की संचार व्यवस्था ठप हैं. आरएसएस ने अपने उग्र विचारों के लोगों को वहां भेजा है. नरेंद्र मोदी के जरिये हम पहले ही गुजरात में मुसलमानों के संहार का उदाहरण देख चुके हैं.’

इसके साथ ही इमरान खान ने यह भी कहा है, ‘क्या दुनिया खामोशी के साथ कश्मीर में स्रेब्रेनिका जैसे मुसलमानों के नरसंहार और नस्लीय सफाए की गवाह बनेगी. मैं विश्व समुदाय को आगाह करना चाहता हूं कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो इसके गंभीर परिणाम निकलेंगे. इसकी प्रतिक्रिया के तौर पर मुस्लिम समुदाय में कट्टरता बढ़ेती और हिंसा का चक्र शुरू हो जाएगा.’