विवादित धर्म उपदेशक जाकिर नायक को मलेशियाई पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है. बताया जा रहा है कि उसे वहां के हिंदू समुदाय पर टिप्पणियों के सिलसिले में तलब किया गया है. जाकिर नाइक के इस बयान पर मलेशिया में हंगामा खड़ा हो गया है कि मलेशियाई हिंदू भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्यादा वफादार हैं. जाकिर नाइक का यह भी कहना था कि मलेशिया में हिंदुओं को उससे 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हुए हैं जितने मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारत में हैं. इसके बाद उस पर देश में सामुदायिक तनाव भड़काने की कोशिश के आरोप लग रहे हैं. कई मंत्रियों ने जाकिर नाइक को मलेशिया से बाहर निकालने की मांग भी की है. मलेशिया की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब साढ़े छह फीसदी है.

जाकिर नाइक पर भारत में मनी लॉन्डरिंग और भड़काऊ भाषण जैसे मामलों में मुकदमे चल रहे हैं. पिछले तीन साल से वह मलेशिया में है. वहां के गृह मंत्री मुहिद्दीन यासीन का कहना है कि जाकिर नाइक के अलावा कुछ दूसरे व्यक्तियों और समूहों से भी नस्लीय टिप्पणियों और फर्जी खबरें फैलाने के लिए पूछताछ की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक सौहार्द और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई से जरा भी नहीं हिचका जाएगा.

जाकिर नाइक का नाम जुलाई 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक कैफे में हुए आतंकी हमले के बाद उछला था. इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसपर मामला दर्ज किया था. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के उस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई थी.