रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि आज तक भारत की परमाणु नीति नो फर्स्ट यूज की रही है, लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह हालात पर निर्भर करेगा. जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र के ताजा फैसले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है. इस संदर्भ में राजनाथ सिंह के बयान को काफी अहम माना जा रहा है. रक्षा मंत्री आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पोखरण पहुंचे थे. वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते ही भारत ने 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किए थे.

भारत ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के साथ ही उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का फैसला किया है. इसे लेकर पाकिस्तान का विरोध जारी है. उसने भारत के साथ राजनयिक संबंधों में कटौती करने के साथ ही उसके साथ व्यापार पूरी तरह बंद कर दिया है. पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस और लाहौर दिल्ली बस सेवा भी खत्म कर दी है. वह इस मसले पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश भी कर रहा है. उसके अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आज एक आपात बैठक बुलाई है. उधर, भारत ने कहा है कि पाकिस्तान को अब नई सच्चाई स्वीकार कर लेनी चाहिए.