भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने परमाणु हथियारों के पहले ‘इस्तेमाल’ को लेकर दिए गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन किया है. एक ट्वीट के जरिये उन्होंने कहा है, ‘राजनाथ सिंह द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी की पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने वाली नीति की समीक्षा करने की बात उचित है क्योंकि 1998 की तुलना में पाकिस्तान का मौजूदा नेतृत्व कही ज्यादा उद्दंड है.’ इसी ट्वीट से सुब्रमणयम स्वामी ने यह भी कहा है, ‘अगर हमारे पास इस बात के विश्वसनीय सबूत हों कि जनता के बीच अपनी बदनामी के चलते पाकिस्तान पहले परमाणु हमला कर सकता है तो हमें इसे रोकने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए और इसलिए अब इसकी (परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल की नीति) जरूरत है.’

इससे पहले शुक्रवार को ही एक सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, ‘भारत की परमाणु नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ की है. लेकिन भविष्य में इसे लेकर क्या होगा यह तत्कालीन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.’ भारत ने कई देशों के विरोध और दबाव के बीच 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे. भारत के ऐसा करने के बाद कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तान ने भी परीक्षण करके परमाणु हथियारों की क्षमता हासिल की थी.

वहीं पिछले महीने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि अगर भारत अपने परमाणु हथियार छोड़ता है तो उनका देश भी ऐसा करने के लिए रजामंद होगा. उस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि परमाणु युद्ध कोई ‘विकल्प’ नहीं है. गौरतलब है कि बीती फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले और फिर भारतीय वायु सेना की ‘बालाकोट एयरस्ट्राइक’ के बाद भारत-पाकिस्तान के आपसी रिश्तों में काफी ज्यादा तनाव आ गया था. साथ ही बीते हफ्ते जम्मू-कश्मीर को लेकर किए भारत सरकार के फैसलों के बाद से इसमें और बढ़ोत्तरी हो गई है.