भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष के अंत तक ब्याज दर में 0.40 प्रतिशत की कटौती और कर सकता है. अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच की सहायक इकाई फिच सॉल्यूशन्स ने शुक्रवार को इस बात की संभावना जताई है.

भारतीय ब्याज दरों के बारे में अपनी रपट में फिच सॉल्यूशन्स ने कहा, ‘आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में की गई कमी अब तक नाकाफी दिख रही है. ऐसे में संभावना है कि आरबीआई मार्च, 2020 तक नीतिगत ब्याज दर में 0.40 प्रतिशत की कटौती और कर सकता है.’ फिच की रपट में कहा गया है कि वृद्धि दर इस समय पांच साल के निचले स्तर पर पहुंच गयी है. रपट में यह भी कहा गया है कि ग्राहकों का विश्वास कमजोर हुआ है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेशी ठप पड़ गया है. फिच ने चालू वित्त वर्ष के दौरान वास्तविक जीडीपी वृद्धि के 6.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है.

आरबीआई ने इससे पहले सात अगस्त को रेपो दर में 0.35 प्रतिशत की कटौती की है. आरबीआई इस कैलेंडर वर्ष में अब तक चार बार ब्याज दरों (1.10 प्रतिशत) में कटौती कर चुका है, लेकिन कर्ज लेने वालों तक अभी भी इसका वास्तविक लाभ नहीं पहुंच पाया है.