क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के प्रमुख कपिल देव ने कहा है कि कोच के लिए रवि शास्त्री का चयन विराट कोहली के प्रभाव में आकर नहीं किया गया है.

शुक्रवार को रवि शास्त्री को सीएससी ने दो साल के लिये फिर से भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच चुना है. भारत में 2021 में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद उनके प्रदर्शन की फिर से समीक्षा की जाएगी.

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कपिल देव से जब पूछा गया कि क्या अंतिम फैसला कप्तान की प्राथमिकता से प्रभावित रहा, तब उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है, क्योंकि अगर हम उनकी राय लते तो हमें पूरी टीम की राय लेनी पड़ती. हमने उनसे नहीं पूछा क्योंकि हमारे पास यह सुविधा नहीं थी.’

पीटीआई के मुताबिक इसके बाद जब सीएसी प्रमुख से यह सवाल किया कि रवि शास्त्री के कोच रहते भारत ने आईसीसी विश्व कप टूर्नामेंट नहीं जीता और क्या इसे उनकी कमजोरी की तरह नहीं देखा गया. इस पर कपिल देव का कहना था, ‘अगर मैनेजर किसी टीम के साथ एक विश्व कप नहीं जीत पाता है तो क्या उसे बर्खास्त कर देना चाहिए, नहीं. आपको संपूर्ण तस्वीर पर गौर करना होता है और हमने ऐसा ही किया. हमने उनकी प्रस्तुति को देखा और हमने उस हिसाब से फैसला किया.’

भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान के मुताबिक ‘कोच पद के सभी उम्मीद्वारों में रवि शास्त्री का रिकार्ड शानदार था....साक्षात्कार के दौरान शास्त्री का संवाद कौशल अन्य से काफी बेहतर था और इसने भी उनके चयन में अहम भूमिका निभायी.’

अनिल कुंबले के बाद रवि शास्त्री जुलाई 2017 में भारतीय टीम के कोच बने थे. उनके कोच रहते हुए टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुंची और उसने 71 वर्षों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराया. इस दौरान भारत ने 21 टेस्ट मैचों में से 11 में जीत दर्ज की. उसने 60 वनडे में 43 अपने नाम किये और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय में से 25 में जीत हासिल की.

उनकी अगुवाई में हालांकि भारत आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाया तथा उसे 2015 और 2019 के विश्व कप में निराशा हाथ लगी. कपिल देव की अगुवाई वाली समिति को हालांकि यह बड़ा कारण नहीं लगा. भारतीय क्रिकेट टीम के कोच का चयन करने वाली क्रिकेट सलाहकार समिति में कपिल देव के अलावा शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ भी शामिल थे.