पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली की हालत नाजुक बताई गई है. पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है. समाचार एजेंसी के मुताबिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एम्स पहुंचकर अरुण जेटली के स्वास्थ्य की जानकारी ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन और स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी इस दौरान वहां मौजूद रहे.

एम्स ने बीती दस अगस्त के बाद से अरुण जेटली के स्वास्थ्य को लेकर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया है. फिलहाल वे आईसीयू में हैं. वहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके उपचार पर नजर रख रही है. अरुण जेटली को सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी की शिकायत के बाद नौ अगस्त को एम्स में भर्ती किया गया था. इससे पहले मई में भी जेटली को इलाज के लिए यहां लाया गया था.

पेशे से वकील अरुण जेटली भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल का अहम हिस्सा रहे थे. उन्होंने वित्त एवं रक्षा दोनों मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था. उन्होंने सरकार के प्रमुख संकटमोचक के तौर जाना जाता रहा है. लेकिन हाल के समय में उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा है. पिछले साल 14 मई को एम्स में उनके गुर्दे का प्रतिरोपण हुआ था. उस वक्त उनकी जगह रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला था. खराब स्वास्थ्य के कारण ही जेटली ने 2019 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा.