लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने गांधी-नेहरू परिवार को कांग्रेस की ‘ब्रांड ​इक्विटी (आम लोगों के बीच सबसे अहम पहचान जिससे वे प्रभावित होते हैं)’ बताया है और कहा है कि किसी अन्य नेता के लिए कांग्रेस का नेतृत्व कर पाना मुश्किल होगा. उन्होंने यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. साथ ही सवालिया लहजे में उनका कहना था, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मौजूदा स्थिति को ही देखें तो क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बगैर भाजपा सुचारु ढंग से काम कर पाएगी. इसका जवाब है, नहीं. क्योंकि मोदी और शाह भी भाजपा की ब्रांड इक्विटी जैसे ही हैं.’

इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस का भविष्य ‘उज्ज्वल’ बताया. उन्होंने तर्क दिया, ‘कांग्रेस एक मजबूत विचारधारा और देशभर में अपनी मौजूदगी रखने वाली पार्टी है. मौजूदा वक्त में जिस तरह क्षेत्रीय दल काम कर रहे हैं आने वाले समय में वे अपनी अहमियत खो देंगे. तब देश दो ध्रुवीय विचारधारा वाली राजनीति की तरफ बढ़ जाएगा. ऐसा होने के बाद कांग्रेस फिर सत्ता में वापसी करेगी.’

इस मौके पर अधीर रंजन चौधरी ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी बात की. उन्होंने कहा, ‘पार्टी के अध्यक्ष पद को संभालने के लिए सोनिया गांधी बिल्कुल तैयार नहीं थीं. लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर वे कांग्रेस को इस कठिन दौर से उबारने के लिए तैयार हो गईं. उन्होंने पहले भी कई मुश्किल मौकों पर पार्टी को दिक्कतों ने उबारा है. सोनिया गांधी की वजह से ही 2004 और फिर 2009 में हमें केंद्र में अपनी सरकार बनाने में कामयाबी मिली थी.’

वहीं धारा 370 को लेकर चौधरी ने कहा कि जिस तरह से इसके अधिकतर प्रावधानों को खत्म किया गया वह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है. भाजपा ने इस हटाने को लेकर काफी जल्दीबाजी की. उन्होंने आगे कहा, ‘हमने केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यों में तब्दील होते हुए देखा है. किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में परिवर्तित किए जाने का यह पहला मौका है. ऐसा करके भाजपा ने एक गलत उदाहरण प्रस्तुत किया है. इसकी वजह से वहां केंद्र का दखल बढ़ेगा.’