पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल को लेकर दिए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है, ‘परमाणु हथियारों पर दिए गए भारतीय रक्षा मंत्री के बयान का अर्थ और समय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. यह भारत के गैर जिम्मेदाराना और युद्ध समर्थक रवैये को दर्शाता है.’ इसके साथ ही शाह महमूद कुरैशी ने यह भी कहा, ‘पाकिस्तान न्यूनतम परमाणु प्रतिरोधी क्षमता बरकरार रखेगा.’

इससे पहले इसी शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘भारत की परमाणु नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ की है. लेकिन भविष्य में इसे लेकर क्या होगा यह तत्कालीन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.’ गौरतलब है कि बीती फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले और ‘बालाकोट एयरस्ट्राइक’ के बाद बीते हफ्ते जम्मू-कश्मीर को लेकर किए सरकार के फैसले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बेहद बढ़ा हुआ है.

इधर, कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के उच्च अधिकारियों ने शनिवार को एक बैठक की. इसके बाद शाह महमूद कुरैशी और पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित किया. इस मौके पर तंजभरे लहजे में कुरैशी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और उनकी अगुवाई वाली सरकार ने पंडित नेहरू के भारत को ‘दफन’ कर दिया है. अब भारत की नीति ‘डोभाल डॉक्ट्रीन (सिद्धांत)’ के इर्द-गिर्द घूम रही है.

उन्होंने आगे कहा, ‘आज हुई बैठक में विदेश मंत्रालय में एक विशेष कश्मीर सेल के गठन और कश्मीर मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाने के लिए सभी दूतावासों में कश्मीरियों की नियुक्ति का फैसला किया गया है.’ वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने को कुरैशी ने अपनी (पाकिस्तान) कामयाबी भी बताया.

इसी दौरान आसिफ गफूर ने कहा, ‘ऐसी संभावना है कि कश्मीर मुद्दे से दुनियाभर का ध्यान बंटाने के लिए भारत हम पर हमला कर सकता है. लेकिन पाकिस्तान ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.’ उन्होंने आगे कहा कि संभावित हमले के मद्देनजर ही नियंत्रण रेखा पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती भी की गई है.