‘परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर दिया भारतीय रक्षा मंत्री का बयान गैर जिम्मेदाराना है.’

— शाह महमूद कुरैशी, पाकिस्तान के विदेश मंत्री

शाह महमूद कुरैशी ने यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘परमाणु हथियारों पर दिए गए भारतीय रक्षा मंत्री के बयान का अर्थ और समय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह भारत के युद्ध समर्थक रवैये को दर्शाता है. ऐसे में पाकिस्तान न्यूनतम परमाणु प्रतिरोधी क्षमता बरकरार रखेगा.’

‘कांग्रेस जो कहती है उसे पूरा नहीं करती.’

— शरद पवार, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष

शरद पवार ने यह बात मुंबई में कांग्रेस के पूर्व नेता नारायण राणे की आत्मकथा के विमोचन के मौके पर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं यह बात अच्छी तरह इसलिए जानता हूं क्योंकि मैंने अपनी आधी जिंदगी कांग्रेस में बिताई है.’ शरद पवार ने आगे कहा, ‘नारायण राणे 2005 में शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे. कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री पद देने की बात कही थी. लेकिन मैंने राणे को कांग्रेस की कथनी और करनी का फर्क बताया था.’ इसके साथ ही पवार का यह भी कहना था कि वे नहीं जानते कि नारायण राणे का कांग्रेस में शामिल होना उनकी गलती थी या नहीं.


‘भूटान जैसा दोस्त और पड़ोसी भला कौन नहीं चाहेगा.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात भूटान के प्रधानमंत्री लोतै शेरिंग के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘भारत और भूटान की साझा आध्यात्मिक विरासत है. आपसी रिश्तों का गौरवशाली इतिहास रखने वाले इन दोनों देशों का भविष्य भी उज्ज्वल है.’


‘गांधी-नेहरू परिवार कांग्रेस की ब्रांड इक्विटी है.’

— अधीर रंजन चौधरी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता

अधीर रंजन चौधरी ने यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कही. इसके साथ ही उनका कहना था कि किसी दूसरे नेता के लिए कांग्रेस का नेतृत्व कर पाना मुश्किल होगा. इस मौके पर सवालिया लहजे में उन्होंने आगे कहा, ‘मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही देखें तो क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बगैर भाजपा सुचारू ढंग से काम कर पाएगी. इसका जवाब है, नहीं, क्योंकि मोदी और शाह भी भाजपा की ‘ब्रांड इक्विटी’ जैसे ही हैं.’


‘भारतीय टीम को शानदार स्थिति में लाना ही मेरा लक्ष्य है ताकि इसके खिलाड़ी अगली पीढ़ी के लिए विरासत छोड़कर जाएं.’

— रवि शास्त्री, भारतीय क्रिकेट टीम के कोच

रवि शास्त्री ने यह बात उन्हें दोबारा भारतीय क्रिकेट टीम का कोच चुने जाने पर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘अगले दो साल के दौरान खासकर सफेद गेंद से खेली जाने वाली क्रिकेट में हमारे पास कई युवा खिलाड़ी आएंगे. हमारा जोर उन्हें बदलाव की इस प्रक्रिया में आसानी से शामिल करने पर होगा.’