भारत के लिए ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी अभिनव बिंद्रा ने जसपाल राणा का नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये नामित नहीं किये जाने पर चयन पैनल की कड़ी आलोचना की है. बिंद्रा ने कहा है कि जसपाल राणा के शिष्यों को अगले साल टोक्यो ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करके चयन समिति को गलत साबित करना चाहिए.

अभिनव बिंद्रा ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘मैं अपनी सफलता का श्रेय बेहतरीन कोचों को दे सकता हूं. जसपाल राणा सर्वश्रेष्ठ कोचों में एक हैं और उन्हें द्रोणाचार्य के लिये नजरअंदाज करना निराशाजनक है.’ बीजिंग ओलंपिक 2008 में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने यह भी कहा, ‘उम्मीद है कि इससे उनके शिष्यों को कड़ी मेहनत करने और अगले ओलंपिक खेलों में समिति को गलत साबित करने की प्रेरणा मिलेगी.’

जसपाल राणा ने अभिनव बिंद्रा के बयान के लिए उनका आभार व्यक्त किया है और कहा है कि वह किसी के सामने खुद को साबित करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘आभार अभिनव बिंद्रा. आपके शब्द मेरे लिये अधिक महत्वपूर्ण हैं. मैं किसी के सामने खुद को साबित करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं.’ एशियाई खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतने वाले जसपाल राणा ने मनु भाकर, सौरभ चौधरी और अनीस भानवाला जैसे विश्वस्तरीय निशानेबाजों को तैयार किया है.