भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और गायक हंस राज हंस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का नाम बदल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का सुझाव दिया है. उत्तर-पश्चिम दिल्ली से सांसद हंस ने शनिवार को ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में यह सुझाव दिया. इसका आयोजन आरएसएस संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने किया था. खबर के मुताबिक कार्यक्रम में हंस राज हंस ने कहा, ‘जेएनयू का नाम बदल कर एमएनयू कर दिया जाना चाहिए मोदीजी के नाम पर कुछ तो हो.’

वहीं, अपने बयान को लेकर रविवार को पीटीआई बात करते हुए भाजपा सांसद ने कहा, ‘यह छात्रों के साथ बातचीत थी और मेरे द्वारा यह सुझाव दिया गया कि अगर विश्वविद्यालय का नाम किसी राजनेता के नाम पर होना है तो इसे मोदी के नाम पर क्यों न रखा जाए... हम अपने बुजुर्गों का सम्मान करते हैं. लेकिन अगर किसी ने कोई गलती की है तो आपको उसे स्वीकार करने की जरूरत है. देश का विभाजन, अनुच्छेद 370 नेहरू द्वारा की गई कुछ ऐसी ही गलतियां हैं.’

इसके बाद हंस राज हंस ने कहा, ‘मैंने कहा कि अगर इसे किसी राजनेता के नाम पर ही रखना है तो क्यों न इसका नाम एमएनयू-मोदी नरेंद्रभाई यूनिवर्सिटी रखा जाए.’ हंस के मुताबिक उन्होंने नरेंद्र मोदी या भाजपा को खुश करने की कोशिश नहीं की और एक आम आदमी की तरह यह बात कही है, न कि संसद सदस्य या राजनेता के तौर पर.

उधर, हंस राज हंस की इस टिप्पणी पर कांग्रेस और जेएनयू छात्र संघ समेत कुछ अन्य लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. खबर के मुताबिक जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष एन साईं बालाजी ने कहा, ‘अब जब विश्वविद्यालय जुमला निर्माण केंद्रों में तब्दील हो रहे हैं तो क्यों न सभी विश्वविद्यालयों के नाम मोदी के नाम पर कर दिए जाएं.’ वहीं, इससे जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने कहा, ‘हमें डर है कि हमारे देश का नाम बदल जाएगा (मौजूदा सरकार में). उनके जैसे शख्स को मुख्यधारा का नेता नहीं कहा जा सकता जिसके नाम का आपने अभी जिक्र किया.’