दक्षिण भारत के बाद अब उत्तर भारत भारी बारिश की चपेट में है. बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते यहां अब तक कम से कम 30 लोगों के मारे जाने और दर्जनों के गुमशुदा होने की खबर है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. इन दोनों राज्यों में भूस्खलन और सड़कों के धंसने के चलते सैकड़ों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं. वहीं, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बाढ़ का अलर्ट तक जारी करना पड़ा है.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक रविवार शाम तक अकेले हिमाचल प्रदेश में बारिश के चलते 29 लोगों की मौत हो गई. भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में 24 घंटों में हुई बारिश ने करीब 70 साल पहले का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. वहीं, उत्तराखंड में बारिश की वजह से चार लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की खबर है. यहां कम से कम दस लोग लापता हैं. वहीं, सड़कों समेत करीब 15 घरों को भी नुकसान हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि सैकड़ों लोगों को एहतियातन ऊंची जगहों पर पहुंचाया गया है.

उधर, पंजाब में भी बारिश की वजह से एक घर की छत गिर गई जिससे एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. खबर के मुताबिक पंजाब समेत हरियाणा के कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात रहे जिनके चलते सरकारों को यहां बाढ़ का अलर्ट जारी करना पड़ा. वहीं, रविवार को ही दिल्ली में यमुना नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था. इसके चलते यहां भी सरकार को बाढ़ अलर्ट जारी करना पड़ा. अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने निचले इलाके में रह रहे लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है. बताया गया है कि सोमवार को यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है. यही हालात उत्तर प्रदेश में हैं जहां यमुना के अलावा गंगा और घाघरा नदी भी कई इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

दुनिया भर के मौसम पर नजर रखने वाली वेबसाइट एल दोराडो वेदर ने बताया है कि बीते 24 घंटों में दुनिया के 15 सबसे अधिक नमी वाली जगहों में से 13 भारत की हैं. वेबसाइट के मुताबिक दुनिया का सबसे नमी वाला इलाका पश्चिम बंगाल का डायमंड हार्बर है जहां बीते 24 घंटों में 220 मिलीमीटर बारिश हुई है. उसके बाद वेल्लोर (तमिलनाडु) में 188, जमशेदपुर (झारखंड) में 172, शिमला (हिमाचल प्रदेश) में 146 और चंडीगढ़ 121 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.