जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद भाजपानीत केंद्र सरकार के मंत्रियों की तरफ से एक के बाद एक बयान आ रहे हैं. इस सिलसिले में ताजा बयान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का है. उन्होंने कहा है कि देश के लोगों को अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के हमेशा के लिए भारत में मिलने की प्रार्थना करनी चाहिए. जितेंद्र सिंह ने धारा 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में की गई नाकाबंदी और वहां की मुख्यधारा के नेताओं की गिरफ्तारी को कम महत्वपूर्ण बताया.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक जम्मू स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हम सौभाग्यशाली हैं कि यह (धारा 370 का हटना) हमारे समय में हुआ. यह तीन पीढ़ियों के बलिदान की वजह से हुआ.’ जितेंद्र सिंह ने आगे कहा, ‘इस ऐतिहासिक कदम के बाद हम सकारात्मक सोच के साथ उम्मीद करें कि पीओके पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजाद हो जाए और (1994 में) संसद में पारित प्रस्ताव के मुताबिक यह देश का अविभाज्य अंग बन जाए... हम प्रार्थना करें कि हम पीओके को देश में समाहित होते देखें और लोग मुक्त भाव से (पीओके की राजधानी) मुजफ्फराबाद जा सकें.’

वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी के मुद्दे पर कांग्रेस का नाम लिए बिना जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसे ‘अनावश्यक रूप से तूल दिया गया’. उन्होंने कहा, ‘कुछ मजबूरी या वजहों के चलते सरकार को शांति बनाए रखने के लिए कुछ कदम उठाने पड़े. आपने (कांग्रेस) नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया था. कश्मीर में (पहले) ऐसी घटना नहीं हुई थी.’ इसके साथ सिंह ने कहा कि कश्मीर के इन दोनों नेताओं को एकांत कारावास में नहीं रखा गया है. उन्होंने दावा किया, ‘वे (उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती) जिम में वर्कआउट कर रहे हैं, किताबें पढ़ रहे हैं और हॉलीवुड फिल्में देख रहे हैं.’