सुप्रीम कोर्ट ने ‘तहलका’ पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल की वह याचिका सोमवार को खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ कथित बलात्कार के मामले में तय आरोपों को रद्द करने की मांग की थी. तरुण तेजपाल पर उनकी एक पूर्व महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. पीटीआई के मुताबिक यह याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली एक पीठ ने गोवा की निचली अदालत को तरुण तेजपाल के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया है.

तरुण तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में गोवा के एक पांच सितारा होटल के एलिवेटर में अंदर पूर्व महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया था. ‘तहलका’ पत्रिका के संस्थापक ने हालांकि इन सभी आरोपों से इनकार किया है. अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद तरुण तेजपाल को अपराध शाखा ने 30 नवम्बर 2013 को गिरफ्तार किया था. मई 2014 से वे जमानत पर बाहर हैं. वहीं सितंबर 2017 में गोवा की एक अदालत ने तरुण तेजपाल पर बलात्कार और यौन शोषण के आरोप तय किए थे.

इससे पहले इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए छह अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल से पूछा था कि अगर उन्होंने अपराध नहीं किया था तो फिर शिकायतकर्ता से माफी क्यों मांगी थी. इसके साथ ही अरुण मिश्रा ने टिप्पणी की थी, ‘उस दौरान जरूर ही कुछ गलत हुआ होगा.’