एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका दो साल के भीतर मंदी का शिकार हो सकती है. यह सर्वे कंपनियों के अर्थशास्त्रियों के संगठन ‘नेशनल एसोसिएशन फार बिजनेस इकॉनॉमिस्ट्स’ (एनएबीई) ने किया है.

एनएबीई ने अपने सर्वे में कहा कि अर्थशास्त्रियों का बहुमत इस बात पर एकमत था कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ बढ़ रही है. लेकिन, इस बात पर आर्थिक जानकारों की राय बंटी नजर आई कि मंदी 2020 में आएगी या 2021 में. 38 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अमेरिका अगले साल मंदी में पड़ सकता है जबकि 34 प्रतिशत ने कहा कि मंदी अगले साल (2021) से पहले नहीं आएगी. अर्थशास्त्रियों को अमेरिका-चीन के बीच व्यापार समझौता होने पर भी संदेह है. सर्वे में 64 प्रतिशत ने कहा कि शायद दिखावे के लिए कोई समझौता हो जाए, लेकिन इस बारे में सही मायनों में गतिरोध दूर होता नहीं दिखता.

यह सर्वे रपट ऐसे समय आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के मंदी में घिरने की बातों को गलत बताया है. ट्रंप ने रविवार को संवाददाताओं से कहा था, ‘मुझे नहीं लगता कि हम मंदी में पड़ेंगे. हमने उपभोक्ताओं को कर में काफी छूट दी है. उपभोक्ताओं के पास पैसा है और वे खूब खर्च कर रहे हैं.’ हालांकि, जानकारों का कहना है कि हाल के कुछ आर्थिक आंकड़े भी यह संकेत दे रहे हैं कि साल-दो साल में अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी में पड़ सकती है.

फेडरल रिजर्व ने भी इस बात का संकेत दिया है कि वह अर्थव्यवस्था के आगे के परिदृश्य को देखते हुए ब्याज दर घटा सकता है. हाल ही में फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें घटाईं हैं. एनएबीई के सर्वे में 46 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने कहा कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दर में एक बार और कटौती करेगा.