भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का ‘चंद्रयान-2’ मिशन सफल होता दिख रहा है. इसरो ने कुछ देर पहले जानकारी दी कि चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो चुका है. इस मिशन का यह पहला अहम पड़ाव था, जिसे इसरो ने सफलातपूर्वक पार कर लिया है. आगे भी सब ठीक रहा तो आगामी सात सितंबर को इसरो का लैंडर ‘विक्रम’ चांद की सतह पर उतर जाएगा. बताया जा रहा है कि इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसरो जा सकते हैं.

इसरो के हवाले से आई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित होने के बाद चंद्रयान-2 वहां 31 अगस्त तक परिक्रमा करता रहेगा. इस दौरान यान की कक्षा में चार बार बदलाव किया जाएगा. इसरो के मुताबिक ये बदलाव यान को चांद की सबसे करीबी कक्षा तक पहुंचाने के लिए किए जाएंगे. यह पूरी प्रक्रिया सात सितंबर को पूरी होगी जब चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा. बताया जाता है कि चंद्रमा के इस हिस्‍से में अभी तक मानव निर्मित कोई यान नहीं उतरा है.