पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के भविष्य को लेकर चिंता जताई है. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि बढ़ती असहिष्णुता, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और कुछ समूहों की नफरत से उपजे हिंसक अपराध देश की राजनीतिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएंगे. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मनमोहन सिंह का कहना था, ‘पिछले कुछ वर्षों में हमारा देश चिंताजनक चलन का सामना कर रहा है.’

मनमोहन सिंह राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए गए हैं. 86 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री पहली बार राजस्थान से राज्यसभा पहुंचे हैं. इस पर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें बधाई दी है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के भरपूर ज्ञान और अनुभव से राजस्थान की जनता को बहुत लाभ मिलेगा.

मनमोहन सिंह लगभग तीन दशक तक असम से राज्यसभा के सदस्य रहे हैं. उनका यह छठा कार्यकल होगा. वर्ष 1991 से 2019 तक लगातार पांच बार असम से राज्यसभा सदस्य रह चुके मनमोहन सिंह 2004 से 2014 के बीच लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल इसी साल 14 जून को समाप्त हुआ था.

उधर, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर भी उत्तर प्रदेश से भाजपा के टिकट पर राज्यसभा पहुंच गए हैं. यह उपचुनाव ख़ुद नीरज शेखर के इस्तीफ़े से खाली हुई राज्यसभा की सीट के लिए कराया गया था. नीरज शेखर इससे पहले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद थे लेकिन वे इससे इस्तीफ़ा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे.