भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के चलते टेस्ट क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने वाली है.

पीटीआई के मुताबिक सोमवार को वेस्टइंडीज में एक पुरस्कार समारोह के दौरान विराट कोहली ने कहा, ‘खेल और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने वाला है. यह सही कदम है और बेहद सही समय पर उठाया गया है...अब यह खिलाड़ियों पर है कि वे टेस्ट चैंपियनशिप की चुनौती को स्वीकार करें और जीत दर्ज करने की कोशिश करें.’ टेस्ट चैंपियनशिप के संदर्भ में कोहली का ये भी कहना था, ‘अब क्रिकेट के इस पारंपरिक प्रारूप में शायद ही नीरस ड्रॉ देखने को मिलेंगे. अब रोमांचक ड्रॉ होंगे क्योंकि हर टीम अतिरिक्त अंक हासिल करना चाहेगी.’

भारतीय कप्तान ने आगे कहा, ‘लोग बातें कर रहे थे कि टेस्ट क्रिकेट प्रासंगिक नहीं रहा या मर रहा है. लेकिन मेरी नजर में पिछले कुछ वर्षों में प्रतिस्पर्धा दोगुनी हुई है.’

वेस्टइंडीज के खिलाफ गुरुवार से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज की तैयारी में लगे विराट कोहली ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम की गेंदबाजी में सुधार हुआ है और अब यह बल्लेबाजों पर निर्भर करता है कि वे गेंदबाजों की बराबरी करें. उनके मुताबिक टेस्ट स्तर पर बल्लेबाजी करना हमेशा मुश्किल होता है और अब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के साथ यह काम और मुश्किल होगा. कोहली के अनुसार ऐसा इसलिए होगा क्योंकि अब आपका प्रत्येक फैसला दीर्घकालीन योजनाओं को प्रभावित करेगा और इस वजह से अब बल्लेबाजों को ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है.

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पहले सत्र में एलीट देश- ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और वेस्टइंडीज अगले दो साल में 27 श्रृंखलाओं के दौरान 71 टेस्ट मैच खेलेंगे. इस दौरान शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें फाइनल में भिड़ेंगी जो जून 2021 में ब्रिटेन में खेला जाएगा.

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