‘क्या डोनाल्ड ट्रंप इस दुनिया के पुलिसवाले या चौधरी हैं?’

— असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख

असदुद्दीन ओवैसी ने यह बात कश्मीर मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत पर निराशा जाहिर करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के ऐसा करने से साबित होता है कि ट्रंप को कश्मीर पर मध्यस्थता के लिए कहा गया था.’ असदुद्दीन ओवैसी का यह भी कहना था, ‘हमने शुरू से ही कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा माना है. जब इसमें तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की जरूरत ही नहीं तो मोदी को इसे लेकर भला ट्रंप से बात करने की क्या जरूरत थी?’

‘असहिष्णुता और नफरत से उपजे हिंसक अपराध देश की राजनीतिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं.’

— मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री

मनमोहन सिंह ने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में हमारा देश ऐसे ही चिंताजनक चलन का सामना कर रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘राजीव गांधी शांति, एकीकरण और सांप्रदायिक सौहार्द की मजबूती के पक्षधर थे. ऐसे में नफरत और असहिष्णुता से पार पाने के लिए हमें उनके बताए रास्ते पर चलना होगा.’


‘हमने कश्मीर मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उठाने का फैसला किया है.’

— शाह महमूद कुरैशी, पाकिस्तान के विदेश मंत्री

शाह महमूद कुरैशी ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया, ‘यह फैसला सभी कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद किया गया है.’ इससे पहले पाकिस्तान ने चीन की मदद से जम्मू-कश्मीर को लेकर हाल में किए भारत के फैसलों का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भी उठाया था.


‘आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई हमारे सुरक्षाबलों की पहुंच और घातकता के स्तर को दिखाती है.’

— राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह ने यह बात दिल्ली में भारतीय वायु सेना के एक कार्यक्रम के दौरान दिए अपने संबोधन में कही. इस मौके पर उन्होंने देश की वायु सेना को ‘आधुनिक और ताकतवर’ सेना बताया, साथ ही कहा, ‘हाल ही में हमारे पड़ोस में आतंकियों पर की गई स्ट्राइक इसका सबूत देती है.’


‘बहस तो बस शब्दों का बहाना है, सामाजिक न्याय भाजपा और संघ का असली निशाना है.’

— प्रियंका गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव

प्रियंका गांधी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण को लेकर दिए एक बयान पर निशाना साधते हुए कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘आरएसएस का हौसला बढ़ा हुआ है और मंसूबे खतरनाक हैं. जिस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार एक-एक करके जन पक्षधर कानूनों का गला घोंट रही हैं तो वहीं आरएसएस ने लगे हाथ आरक्षण पर बहस की बात उठा दी है.’ इससे पहले भागवत ने आरक्षण को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा किए जाने की बात कही थी.