आईएनएक्स मीडिया मामले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम की गिरफ्तारी की हर तरफ चर्चा है. बुधवार रात को हुई इस कार्रवाई के बाद आज पी चिदंबरम की सीबीआई की विशेष अदालत में पेशी होगी जिस पर सभी की नजर है. इस केस में पूर्व वित्त मंत्री की मुश्किलें बढ़ने की एक बड़ी वजह इंद्राणी मुखर्जी हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक उनके एक बयान ने पी चिदंबरम की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई है.

इंद्राणी मुखर्जी आईएनएक्स मीडिया के मालिक पीटर मुखर्जी की पत्नी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को दिए अपने बयान में कहा था कि 2006 में उन्होंने और पीटर ने पी चिदंबरम से मुलाकात की थी. वे उस समय देश के वित्त मंत्री थे. खबर के मुताबिक पी चिदंबरम ने पीटर और इंद्राणी से कहा था कि वे उनके बेटे कार्ति से मिलें और बिजनेस में उनकी मदद करें. इंद्राणी मुखर्जी ने यह बयान 17 फरवरी, 2018 को दिया था. अब यह इस मामले में एक अदालती दस्तावेज है. इसके मुताबिक दिल्ली के हयात होटल में हुई मुलाकात में कार्ति चिदंबरम ने मुखर्जी दंपती से दस लाख डॉलर की ‘रिश्वत’ मांगी थी.

बताया जा रहा है कि बाद में एक योजना के तहत पीटर और इंद्राणी मुखर्जी, कार्ति चिदंबरम की कंपनी एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) से जुड़ गए. इसके बाद एएससीपीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों ने कथित रूप से आईएनएक्स मीडिया को सात लाख डॉलर (3.10 करोड़ रुपये) के बिल भेजे और इसके एवज में यह रकम प्राप्त की. आरोप है कि इसके बदले विदेशी निवेश के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की तरफ से मंजूरी मिल गई. पी चिदंबरम पर आरोप है कि इसके लिए उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया था. इस मामले को लेकर पिछले साल फरवरी में कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया था. वहीं, सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि जब पी चिदंबरम के सामने इंद्राणी मुखर्जी का बयान और वित्त मंत्रालय के दस्तावेज रखे गए तो उन्होंने पूछताछ में सहयोग नहीं किया.