ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई ने कश्मीर में मुसलमानों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है. एक बयान में उन्होंने कहा है कि ईरान भारत सरकार से उम्मीद करता है कि वह कश्मीर के लोगों के प्रति एक न्यायपूर्ण नीति अपनाएगी. अयातुल्ला अली खमेनेई का यह बयान भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के करीब दो हफ्ते बाद आया है. उनका कहना है, ‘हमें उम्मीद है कि भारत सरकार इलाके के मुसलमानों का दमन और उनके साथ ज्यादती नहीं होने देगी.’

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता ने कश्मीर के मौजूदा हालात के लिए ब्रिटेन को भी दोषी ठहराया है. अपने बयान में उनका कहना है, ‘कश्मीर में जो मौजूदा हालात हैं और उसे लेकर भारत और पाकिस्तान का जो झगड़ा है वह भारत छोड़ते हुए ब्रिटिश सरकार की कारस्तानी का नतीजा है. अंग्रेजों ने जानबूझकर इस घाव को खुला छोड़ दिया ताकि कश्मीर में टकराव चलता रहे.’

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता का यह बयान पाकिस्तान द्वारा इस ऐलान के एक दिन बाद आया है कि वह इस मामले के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाएगा. बीते हफ्ते उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी यह मुद्दा उठाया था. हालांकि उसे विफलता ही हाथ लगी क्योंकि ज्यादातर सदस्यों ने इसे द्विपक्षीय मामला बताया.