महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे आज मुंबई स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर पहुंचे. पीटीआई के मुताबिक उन्हें आईएलएंडएफएस मामले से जुड़ी एक जांच के सिलसिले में तलब किया गया है. राज ठाकरे अपनी पत्नी शर्मिला, बेटे अमित और बहू मिताली के साथ सुबह करीब 11.30 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे. मनसे प्रमुख के अकेले कार्यालय में प्रवेश करने के बाद उनके परिवार के सदस्य पास के एक होटल में रुके.

जांच एजेंसी कोहिनूर सीटीएनएल कंपनी में आईएलएंडएफएस समूह के निवेश संबंधी एक मामले में राज ठाकरे की कथित संलिप्तता की जांच कर रही है. इस सौदे में मनी लॉन्डरिंग का संदेह है. इस कंपनी के प्रमोटर वरिष्ठ शिव सेना नेता मनोहर जोशी के बेटे उन्मेष जोशी हैं. राज ठाकरे भी इसके शेयरधारकों में शामिल थे. बताया जा रहा है कि आईएलएंडएफएस ने कोहिनूर सीटीएनएल में 225 करोड़ रु का निवेश किया था. इस निवेश के एवज में हासिल हिस्सेदारी को उसने 2008 में 90 करोड़ रु में बेच दिया. यानी उसे 135 करोड़ रु का नुकसान हुआ. उसी साल राज ठाकरे भी कोहिनूर सीटीएनएल में अपनी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से अलग हो गए. पिछले हफ्ते ईडी ने इस मामले में एक आरोपपत्र भी दाखिल किया था.

राज ठाकरे की पेशी को देखते हुए मुंबई पुलिस ने गुरुवार को दक्षिण मुंबई में ईडी कार्यालय के बाहर और दादर के कुछ इलाकों में आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 लगा दी. धारा 144 के तहत चार से अधिक व्यक्तियों के उस इलाके में एक जगह इकट्ठा होने पर प्रतिबंध होता है, जहां शांति भंग होने की आशंका रहती है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है. अधिकारी ने कहा, ‘राज ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से ईडी कार्यालय के बाहर एकत्र नहीं होने की अपील की है, लेकिन हम कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते.’