केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों को वापस बुलाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है और यह फैसला स्थानीय प्रशासन की सिफारिश पर किया जाएगा. पीटीआई से बातचीत के दौरान किशन रेड्डी ने यह भी कहा है, ‘पाकिस्तान वहां लगातार शांति भंग करने और कश्मीरियों को उकसाने की कोशिश कर रहा है. उसने कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया है. ऐसे में हम कैसे अतिरिक्त बलों को हटा सकते हैं.’

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कश्मीर में सामान्य जन-जीवन बहाल होने का भी दावा किया है. रेड्डी ने कहा है, ‘इसी हफ्ते से वहां स्कूल भी खोल दिए गए है. सरकारी दफ्तारों में भी सुचारु ढंग से कामकाज शुरू हो गया है. धारा 144 हटाए जाने के सा​थ ही वहां टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई हैं.’

वहीं केंद्रीय मंत्री से जब यह पूछा गया कि क्यों विपक्षी दलों के नेताओं को कश्मीर के दौरे से रोका जा रहा है तो इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा सुरक्षा को लेकर किया गया है. इस मामले में रेड्डी ने विपक्षी दलों को ‘धैर्य रखने’ की नसीहत भी दी है.

इसी महीने संसद में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को हटाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का प्रस्ताव रखने से पहले ही केंद्र ने वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी थी. वहीं संसद के दोनों सदनों में इन प्रस्तावों के पारित होने के बाद पाकिस्तान ने भारत के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई थी. साथ ही उस पर विरोध जताते हुए पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ अपने राजनयिक और व्यापारिक संबंधों को सीमित करने का ऐलान किया था. दूसरी तरफ भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर किया फैसला अपना आंतरिक मामला बताया था जिस पर दुनिया के कई देशों का भारत को समर्थन भी मिला है.