चंद्रयान-2 ने गुरुवार को चंद्रमा की पहली खींची गई तस्वीर भेजी है. चंद्रयान-2 के साथ गए लैंडर विक्रम ने यह तस्वीर चंद्रमा की सतह से करीब 2650 किलोमीटर की ऊंचाई से खींची है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की तरफ से जारी की गई इस तस्वीर में मेर ओरिएंटल बेसिन और अपोलो क्रेटर्स को देखा जा सकता है. मेर ओरिएंटल बेसिन चंद्रमा की सतह पर मौजूद बेसाल्ट चट्टानों के विस्तार वाला एक बड़ा इलाका है. वहीं अपोलो क्रेटर्स वे विशालकाय गड्ढे हैं जो धरती के इस प्राकृतिक उपग्रह की सतह पर उल्कापिंडों के टकराने से बने हैं.

चंद्रयान-2 इस हफ्ते की शुरुआत में ही चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा है और यहां 31 अगस्त तक परिक्रमा करता रहेगा. इस दौरान यान की कक्षा में चार बार बदलाव किया जाएगा. इसरो के मुताबिक ये बदलाव यान को चांद की सबसे करीबी कक्षा तक पहुंचाने के लिए किए जाएंगे. यह पूरी प्रक्रिया सात सितंबर को पूरी होगी जब चंद्रयान का लैंडर विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा. बताया जाता है कि चंद्रमा के इस हिस्‍से में अभी तक मानव निर्मित कोई यान नहीं उतरा है. इस सफलता के साथ ही भारत चंद्रमा की सतह पर अपना यान उतारने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा.