‘राजीव गांधी को विशाल बहुमत मिला था लेकिन उन्होंने डर फैलाने के लिए उसका इस्तेमाल नहीं किया.’

— सोनिया गांधी, कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष

सोनिया गांधी ने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंति से जुड़े एक कार्यकम में परोक्ष तौर पर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने राजीव गांधी को देश की ‘बुनियादी तस्वीर’ बदलने वाला नेता कहते हुए उनकी उपलब्धियां भी गिनवाईं. सोनिया गांधी ने कहा, ‘अगर भारत को वैश्विक मंच पर विशेष दर्जा हासिल करना है तो यह काम अभिमान के सहारे या नारे लगाकर नहीं किया जा सकता. इसके लिए समावेशी बनकर काम करना होगा.’

‘विपक्षी दलों को नरेंद्र मोदी के अच्छे कामों के महत्व को स्वीकार करना चाहिए.’

— जयराम रमेश, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

जयराम रमेश ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन का मॉडल सिर्फ ‘नकारात्मक गाथा’ नहीं है. हमें यह मानना होगा कि वे ऐसे काम कर रहे हैं जो पहले नहीं हुए और जनता भी उन कामों को सराह रही है. यही वजह है कि 2014 के बाद 2019 में उन्होंने केंद्र की सत्ता में वापसी की. जयराम रमेश का यह भी कहना था, ‘अगर विपक्षी दल मोदी को खलनायक की तरह ही पेश करते रहेंगे तो वे कभी उनसे मुकाबला नहीं कर पाएंगे.’


‘वित्तीय क्षेत्र को संकट से उबारने के लिए असाधारण कदम उठाए जाने की जरूरत है.’

— राजीव कुमार, नीति आयोग के उपाध्यक्ष

राजीव कुमार ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘आज स्थिति यह है कि कोई किसी पर यकीन नहीं कर रहा. निजी क्षेत्र में कोई कर्ज देने के लिए भी तैयार नहीं है. हर किसी ने नकदी दबा रखी है.’ इसके साथ ही उन्होंने अर्थव्यवस्था में नरमी के लिए 2009 से 2014 के दौरान बिना सोचे-समझे बांटे गए कर्ज को जिम्मेदार ठहराया. राजीव कुमार ने कहा, ‘इसकी वजह से गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) बढ़ीं जिससे बैंकों की कर्ज देने की क्षमता प्रभावित हुई.’


‘अब भारत के साथ बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं रह गई है.’

— इमरान खान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इमरान खान ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘बातचीत को लेकर हमने तमाम कोशिशें कीं लेकिन भारत ने इन्हें तुष्टीकरण के तौर पर लिया.’ इस मौके पर इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘हिंदूवादी’ और ‘फासीवादी बताते हुए आगे कहा, ‘अगर पाकिस्तान के खिलाफ भारत सैन्य कार्रवाई करता है तो हमारी तरफ से उचित जवाब दिया जाएगा. वह दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के आमने-सामने आने वाली स्थिति होगी​ जिसमें ‘कुछ’ भी हो सकता है.’


‘जम्मू-कश्मीर में तैनात अतिरिक्त सुरक्षाबलों को अभी वापस नहीं बुलाया जाएगा.’

— जी किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री

जी किशन रेड्डी ने यह बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘पाकिस्तान वहां लगातार शांति भंग करने और कश्मीरियों को उकसाने की कोशिश कर रहा है. उसने कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया है. ऐसे में हम कैसे वहां से अतिरिक्त बलों को हटा सकते हैं.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘कश्मीर से अतिरिक्त बलों को हटाने का फैसला स्थानीय प्रशासन की सिफारिश के आधार पर किया जाएगा.’