दिल्ली की एक अदालत ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ‘आजाद’ और 95 अन्य लोगों को बृहस्पतिवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. उनके खिलाफ दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में दंगा करने और अवैध रूप से जमा होने के आरोप के तहत यह कार्रवाई की गई है. इससे पहले इस इलाके में रविदास मंदिर को तोड़े जाने को लेकर बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद चंद्रशेखर को हिरासत में लिया गया था. उनके खिलाफ गोविंदपुरी थाने में भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली के जहांपना जंगल में बने संत रविदास मंदिर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दस अगस्त को डीडीए ने तोड़ दिया था. पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि उसी स्थान पर मंदिर बनाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में 10,000 लोग इकट्ठा हो गए थे. लेकिन प्रदर्शन के दौरान करीब पांच हजार लोगों ने आज़ाद की अगुवाई में मंदिर स्थल की ओर मार्च की योजना बनाई.

खबर के मुताबिक प्राथमिकी में कहा गया है कि कुछ लोगों के पास लाठी और छड़ियां थीं जिन पर झंडे लगाए हुए थे. वे सरकार और उच्चतम न्यायालय के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. खबरों के मुताबिक हंगामे के बीच विरोध प्रदर्शक हिंसक हो गया. इसके चलते भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.