केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को 26 अगस्त तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. गुरुवार को कोर्ट में आरोपित कांग्रेस नेता की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल और सीबीआई के वकील सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी-अपनी दलीलें दी थीं. इसके बाद जज अजय कुमार कुहार ने पी चिदंबरम को अगले सोमवार तक सीबीआई हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया. इससे पहले जांच एजेंसी के अधिकारियों ने पू्र्व वित्तमंत्री से तीन घंटे तक पूछताछ की थी.

वहीं, कश्मीर मुद्दे पर भारत को फ्रांस का साथ मिलने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि कश्मीर विवाद भारत-पाकिस्तान का द्वीपक्षीय मामला है. साथ ही, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी करना भी भारत का आंतरिक मामला है. वहीं, मैक्रों ने कहा कि किसी भी तीसरे पक्ष को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए.

‘दुनिया के फेफड़ों’ में लगी भयानक आग बुझने का नाम नहीं ले रही

ब्राजील में एमेजॉन जंगल में बीते दो हफ्ते से लगी भीषण आग बुझने का नाम नहीं ले रही है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इस आग की भयावहता इतनी है कि इसके धुएं से आसपास के इलाकों में आसमान काला हो गया है. ब्राजील स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च (आईएनपीई) की मानें तो इस साल एमेजॉन जंगल में आग लगने के कुल 73,000 मामले सामने आए हैं. 2018 में यह आंकड़ा 39,759 था. पर्यावरण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता इस स्थिति के लिए राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो को जिम्मेदार बता रहे हैं. दूसरी ओर, बेलसोनारो का कहना है कि एनजीओ ग्रीन ग्रुप्स ने उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए यह आपराधिक साजिश रची है. उन्होंने बताया कि इस एनजीओ की फंडिंग सरकार ने घटा दी है , इसलिए वह ऐसा कर रहा है. ब्राजील के एमेजॉन जंगल को ‘दुनिया के फेफड़े’ कहा जाता है. माना जाता है कि यहां कि हरियाली से पूरी दुनिया को 20 फीसदी ऑक्सीजन मिलती है.

नोटों के साइज को लेकर भेजे गए नोटिस का जवाब न देने पर रिजर्व बैंक को हाई कोर्ट की फटकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नोटों के साइज को लेकर भेजे गए एक नोटिस का जवाब न देने पर भारतीय रिजर्व बैंक को फटकार लगाई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस नोटिस में केंद्र से पूछा गया था कि वह बार-बार नोटों का साइज क्यों बदल रहा है. इस संबंध में नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड नाम की संस्था ने अदालत में एक जनहित याचिका दाखिल की है. उसका कहना है कि नोटों और सिक्कों में बार-बार हो रहे इस बदलाव से दृष्टिहीन लोगों को काफी दिक्कत हो रही है. केंद्रीय बैंक को जवाब देने के लिए अब दो हफ्ते का वक्त दिया गया है.

आईआईएम-ए में एसोसिएट पद पर आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति को लेकर विवाद

भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) को स्वायत्तता देना मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के लिए मुश्किलें पैदा करता हुआ दिख रहा है. हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय आईआईएम-अहमदाबाद (ए) में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर आईपीएस अधिकारी रजनीश राय की नियुक्ति को नहीं रोक पा रहा है. एक ओर संस्थान इस नियुक्ति को सही बता रहा है और इससे पीछे हटने को तैयार नहीं है तो दूसरी ओर वह मंत्रालय द्वारा इस पर मांगे गए स्पष्टीकरण का कोई जवाब नहीं दे रहा है. बताया जाता है कि रजनीश राय ने नवंबर, 2018 में गृह मंत्रालय को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. लेकिन इस पर मंत्रालय ने तीन महीने तक कोई फैसला नहीं लिया. इसके बाद मार्च, 2019 में आईआईएम-ए ने उनकी नियुक्ति कर दी. इसके बाद गृह मंत्रालय ने रजनीश राय का इस्तीफा स्वीकार करने की जगह उन्हें निलंबित कर दिया. इसके बाद एचआरडी मंत्रालय ने संस्थान को पत्र लिखकर सवाल उठाया कि एक निलंबित आईपीएस को एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कैसे नियुक्त कर दिया गया. इसके जवाब में संस्थान ने इस नियुक्ति को कानूनन सही बताया है. रजनीश राय ने सोहराबुद्दीन मुठभेड़ की जांच की थी. इस मामले में डीजी बंजारा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था.

जम्मू-कश्मीर से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को हटाने की तत्काल कोई योजना नहीं

केंद्र सरकार ने साफ किया है कि जम्मू-कश्मीर से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को हटाने की तत्काल कोई योजना नहीं है. दैनिक जागरण के मुताबिक गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, ‘हम वहां (जम्मू-कश्मीर) से सुरक्षा बलों को वापस क्यों बुलाएंगे जब पाकिस्तान हमें उकसाने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान कश्मीरियों को उकसा कर शांति बाधित करना चाहता है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठा सके.’ उन्होंने आगे कहा कि अतिरिक्त सुरक्षा बलों को वापस बुलाया जाएगा या नहीं, इसका फैसला स्थानीय प्रशासन लेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की मंशा को देखते हुए एहतियातन पाबंदियां लगाई गई हैं और सरकार का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं है.

तमिलनाडु : दलित का शव सड़क से नहीं ले जाने दिया गया तो पुल से रस्सियों के सहारे उसे पानी में उतारा गया

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक दलित के शव के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को सार्वजनिक सड़क के इस्तेमाल से रोक दिया गया. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिखाया गया है कि इसके बाद शव को एक नदी के पुल से रस्सियों के सहारे नीचे उतारना पड़ा. मृतक कुप्पन (55 साल) के भतीजे ने बताया कि सर्वणों के साथ विवाद से बचने के लिए शव को पुल से उतारकर श्मशान तक ले जाने का फैसला किया गया. वेल्लोर के जिला अधिकारी ए सुंदरम ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.