‘नए भारत में भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर अभूतपूर्व ढंग से रोक लगाई जा रही है.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात फ्रांस में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘देश की जनता ने हमें दूसरे कार्यकाल के लिए प्रचंड जनादेश दिया. लेकिन यह जनादेश सिर्फ सरकार चलाने के लिए नहीं बल्कि उस नए भारत के निर्माण के लिए है जिसकी सभ्यता-संस्कृति पर दुनिया को गर्व हो. जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (कारोबार करने में सरलता) पर फोकस और ईज ऑफ लाइफ सुनिश्चत करता हो.’ इस मौके पर प्रधानमंत्री ने तीन तलाक कानून और धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को खत्म करने का भी जिक्र किया.

‘आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार को कांग्रेस के सुझाव मान लेने चाहिए.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के नेता

राहुल गांधी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के एक बयान के हवाले से कही. इसी ट्वीट से उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘बड़ी मुश्किल’ में बताया और कहा, ‘जो सावधानी बरतने के लिए हम लंबे समय से कह रहे थे वह बात अब खुद सरकार के आर्थिक सलाहकारों ने स्वीकार कर ली है.’ इसके साथ ही राहुल गांधी ने सरकार को नसीहत दी है, ‘अब हमारा समाधान मानिए और लालचियों के बजाय जरूरतमंदों तक पैसा पहुंचाइए.’


‘विदेशी पोर्टफोलियो के निवेशकों पर लगाया गया सुपर रिच टैक्स वापस लिया जाएगा.’

— निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री

निर्मला सीतारमण ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. उन्होंने कहा, ‘सरकार ने शेयर बाजार में होने वाले पूं​जीगत लाभ पर से भी टैक्स सरचार्ज वापस ले लिया है. यह फैसला विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों पर लागू होगा.’ इस मौके पर उन्होंने सरकारी बैंकों में 70 हजार करोड़ रुपये की रकम डालने के अलावा ऑटो और रियल्टी सेक्टर को लेकर भी कई अहम घोषणाएं की. साथ ही दुनिया के कई देशों के मुकाबले भारत की विकास दर को बेहतर भी बताया.


‘मैंने हमेशा कहा है कि नरेंद्र मोदी को खलनायक की तरह पेश करना गलत है.’

— अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

अभिषेक मनु सिंघवी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये पार्टी के नेता जयराम रमेश के एक बयान का समर्थन करते हुए कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘ऐसा करके विपक्ष उनकी मदद करता है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘कोई काम अच्छा, बुरा या मामूली होता है जिसका मूल्यांकन व्यक्ति नहीं बल्कि मुद्दों के आधार पर होना चाहिए.’ इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी एक ट्वीट से कहा, ‘मैं छह साल से कहता आया हूं कि जब मोदी कुछ अच्छा कहें या करें तो उसकी प्रशंसा होनी चाहिए क्योंकि इससे जब वे गलती करेंगे तो उस पर हमारी आलोचना को विश्वसनीयता मिलेगी.’


‘बीते 300 साल के दौरान देश की अर्थव्यवस्था सबसे बेहतर स्थिति में है.’

— नारायण मूर्ति, इन्फोसिस के सह-संस्थापक

नारायण मूर्ति ने यह बात गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कही. इसके साथ ही उनका कहना था, ‘इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था छह से सात फीसदी की विकास दर के रास्ते पर है. हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब डॉलर को पार कर गया है. देश से गरीबी मिटाने के साथ विकास के प्रति भी विश्वास बना है.’ इस मौके पर नारायण मूर्ति ने सरकार को नसीहत भी दी और कहा, ‘इसके लिए हमें अपनी आर्थिक नीतियों को लोकलुभावन के बजाय विशेषज्ञता पर आधारित बनाना होगा.’