मारुति-सुज़ुकी ने एक्सएल-6 लॉन्च कर दी है. कंपनी की ही लोकप्रिय एमपीवी अर्टिगा पर आधारित इस प्रीमियम मल्टीपरपज़ व्हीकल (एमपीवी) का बाज़ार में लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. मारुति ने एक्सएल-6 के सिर्फ़ दो वेरिएंट- ज़ीटा और अल्फा उतारे हैं. अर्टिगा पर आधारित होने के बावज़ूद एक्सएल-6 में डिज़ाइन के मामले में ऐसे कई बदलाव देखने को मिलते हैं जिनकी बदौलत यह कार बिल्कुल नई क्रॉसओवर नज़र आती है. इनमें सबसे प्रमुख इसका किसी एसयूवी जैसा दिखने वाला फ्रंट है जहां आपको नई हेक्सागोनल ग्रिल के साथ अर्टिगा से बड़े ऑल एलईडी हैडलैंप्स और सी शेप के एलईडी डेटाइम रनिंग लैंप मिलते हैं. इसके अलावा पहले से चौड़े एयरडैम के साथ दिया ट्रिपल टोन का फ्रंट बोल्ड बंपर, राउंड फॉगलैंप्स के साथ दी गई नई ब्लैक क्लेडिंग और सिल्वर स्किड प्लेट भी एक्सएल-6 के नए होने की गवाही जमकर देते हैं. डायमेंशन्स के मामले में भी यह कार अर्टिगा से बड़ी बनाई गई है.

कार के साइड प्रोफाइल की बात करें तो यहां आपको अलॉय व्हील्स की डिज़ाइन अर्टिगा की ही याद दिलाएगी, लेकिन उनके साथ दिया गया बिल्कुल नया ब्लैक कलर फ्रेश अपील देता है. इंटीग्रेडट इंडिकेटर वाले कार के आउटसाइड रियर व्यू मिरर (ओआरवीएम) भी काले रंग के हैं. इनके अलावा एक्सएल-6 के साथ दी गई रूफ रेल्स और डुअल टोन बॉडी क्लेडिंग इसे स्पोर्टी कार फील बख़ूबी देती हैं. रियर लुक के मामले में कार को पुरानी डिज़ाइन की टेल लाइट मिली हैं. लेकिन इस बार ये एलईडी के साथ आती हैं. वहीं, बिल्कुल नया रियर बंपर और बोट डोर पर इस्तेमाल किया गया पियानो ब्लैक कलर एक्सएल-6 को अर्टिगा की तुलना में खासा प्रीमियम बनाता है. कंपनी ने एक्सएल-6 को छह रंगों- नेक्सा ब्लू, ऑबर्न रेड, प्रीमियम सिल्वर, ब्रेव खाकी, मैग्मा ग्रे और आर्कटिक व्हाइट में पेश किया है.

अंदर झांकने पर एक्सएल-6 का सात के बजाय 6-सीटर होना इसे अर्टिगा से जुदा करता है. कार के फ्रंट और रियर में तो पहले की ही तरह दो सीटें दी गई हैं, लेकिन मिड रो में तीन की जगह सिर्फ़ दो कैप्टन सीट (फ्रंट सीट की तरह अलग-अलग सीटें न कि एक पूरी बेंच सीट) लगाई गई हैं. कार का केबिन अर्टिगा जैसा ज़रूर है लेकिन डैशबोर्ड पर दिए सिल्वर एसेंट्स और स्टोन ग्रे कलर फिनिश के साथ ऑल ब्लैक इंटीरयर इसे नया टच देते हैं. एक्सएल-6 की अन्य ख़ूबियों की बात करें तो इनमें डार्कर वुडन ट्रिम, अपमार्केट सिल्वर असेंट्स, ब्लैक लेदर सीट अपहोल्स्ट्री और 7-इंच का बिल्कुल नया स्मार्टप्ले टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम भी शामिल है जो एपल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटोकनेक्टिविटी के साथ आता है. साथ ही इसमें ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, रियर एसी, मल्टी इन्फो डिस्प्ले और ब्लूटूथ, ऑडियो व क्रूज़ कंट्रोल वाला फ्लैट बॉटम सिल्वर ट्रिम्ड स्टीअरिंग व्हील आदि शामिल हैं.

सुरक्षा के लिहाज से बात करें तो मारुति ने अपनी इस नई पेशकश के साथ- एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रिब्यूशन (ईबीडी), डुअल फ्रंट एयरबैग्स, हिल होल्ड असिस्ट (एचएचए), इलैक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ईएसपी), स्पीड वार्निंग सिस्टम, ड्राइवर और को-ड्राइवर सीटबेल्ट रिमाइंडर, आईएसओफिक्स चाइल्ड माउंट्स, रिवर्स पार्किंग सेंसर और कैमरा जैसी ख़ूबियां उपलब्ध करवाई हैं.

परफॉर्मेंस के लिहाज़ से एक्सएल-6 के साथ मारुति-सुज़ुकी ने अर्टिगा वाला ही बीएस-6 मानकों पर खरा उतरने वाला के15बी इंजन दिया है. 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और 4-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स (वैकल्पिक) से जुड़ा यह इंजन 103 बीएचपी की पॉवर के साथ अधिकतम 138 एनएम टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. इस इंजन के साथ मारुति ने लिथियम-आयन बैटरी वाला और माइल्ड हाइब्रिड टेक्नॉलॉजी से लैस एसएचवीएस (स्मार्ट हाइब्रिड व्हीकल बाय सुज़ुकी) भी जोड़ा है. यह सिस्टम सिग्नल जैसी जगहों पर इंजन के चालू, लेकिन कार के निष्क्रिय खड़ी रहने पर इंजन को पॉवर सप्लाई देता रहता है जिससे कार की माइलेज में इज़ाफ़ा देखने को मिलता है. इसके अलावा हाइब्रिड सिस्टम में लगी बैटरी इंजन को अतिरिक्त ताकत देने के साथ कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन घटाकर प्रदूषण को भी कम करती है. यदि आप इस कार को घर लाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 9.79 लाख रुपए से 11.46 लाख रुपए कीमत चुकानी होगी.

जानकारों की मानें तो सीधे तौर पर बाज़ार में एक्सएल-6 का कोई प्रतिद्वंदी नज़र नहीं आता है. लेकिन फ़िर भी मारुति की यह पेशकश होंडा बीआरवी और रेनो लॉजी जैसी गाड़ियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है.

किआ सेल्टॉस लॉन्च

दक्षिण कोरिया की ऑटोमोबाइल कंपनी किआ मोटर्स ने एसयूवी ‘सेल्टॉस’ की शक्ल में भारत में अपनी पहली लॉन्च कर दी है. यह इस कार का ग्लोबल डेब्यू भी है. कंपनी ने सेल्टॉस को सबसे पहले ऑटो एक्सपो-2018 में कॉन्सेप्ट के तौर पर शोकेस किया था. लुक्स के मामले में यह कार काफी हद तक उसी कॉन्सेप्ट कार से मिलती-जुलती है. किआ ने अपनी इस नई पेशकश को दो बेहतरीन डिज़ाइन लाइन- टेक और जीटी में उपलब्ध कराया है. जानकारों के अनुसार सेल्टॉस अपने सेगमेंट में देश की पहली कार है जिसे दो डिज़ाइन में उपलब्ध कराया गया है. इनमें से किआ सेल्टॉस की टेक लाइन को आरामदायक यात्रा के लिहाज़ से तैयार किया गया है तो जीटी लाइन में ज़्यादा आधुनिक फीचर्स मुहैया कराए गए हैं.

लुक्स के मामले में सेल्टॉस के फ्रंट में किआ की सिग्नेचर स्टाइल वाली फॉक्स सिल्वर सराउंडेड टाइगर नोज़ ग्रिल लगाई गई है. इसके अलावा हार्टबीट इफेक्ट वाले एलईडी डे-टाइम रनिंग लैंप (डीआरएल) के साथ किआ सिग्नेचर स्टाइल के पतले एलईडी हैडलैंप सेल्टॉस को बेहद आकर्षक बनाते हैं. साथ ही कार की आउटसाइड और इनसाइड में कई सारे रेड कलर के इंसर्ट दिए हैं जो इसे स्पोर्टी फील देते हैं.

किआ मोटर्स ने इस नई पेशकश के साथ कई और भी फर्स्ट इन सेगमेंट फीचर्स दिए हैं. इनमें- 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, साउंड मूड लैंप 360 डिग्री सराउंड कैमरा और बोस का 8-स्पीकर सराउंड साउंड प्रमुखता से शामिल है. किआ ने सेल्टॉस की फ्रंट सीटों के बीच एयर प्यूरिफायर के साथ पिछली सीट पर बैठे लोगों के लिए रियर एसी वेंट्स दिए हैं. सेल्टॉस में सेगमेंट का पहला 8-इंच का हैड्स अप डिस्प्ले भी मिलता है जो ड्राइवर का ध्यान भटकाए बिना ही उसे कार की पूरी जानकारी देता है. साथ ही कार में रियर सनशेड कर्टन, मल्टी फंक्शन थ्री स्पोक्स स्टीअरिंग व्हील और 7-इंच कलर टीएफटी यूनिट इंस्ट्रुमेंट कंसोल भी मिलता है. इनके अलावा सेल्टॉस में वायरलेस चार्जिंग, क्रूज़ कंट्रोल और ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल जैसे भी फीचर्स दिए गए हैं.

एमजी हेक्टर और ह्युंडई वेन्यू के बाद किआ सेल्टॉस भी एक कनेक्टेड कार है. कंपनी ने इस फीचर के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए कहा है कि इसकी मदद से कार के इग्निशन और एसी कंट्रोल समेत कई ज़रूरी फीचर्स फोन की मदद से दूर से ही ऑपरेट किए जा सकते हैं. इनके अलावा कार के साथ रोड साइड असिसटेंट (मुसीबत के समय अपने आप ही किआ कॉल सेंटर पर कॉल करता है), एपल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं.

परफॉर्मेंस के मामले में किआ ने सेल्टॉस को पेट्रोल और डीज़ल दोनों ट्रिम में लॉन्च किया है. सेल्टॉस के साथ बीएस-6 मानक पर खरे उतरने वाला 1.5-लीटर क्षमता का पेट्रोल और 1.4-लीटर क्षमता का जीडीआई टर्बो डीज़ल इंजन मिलता है. इन दोनों ही इंजनों में कंपनी ने 6-स्पीड मैनुअल, सीवीटी ऑटोमेटिक, और 6-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन दिए हैं. कार में तीन ड्राइविंग मोड- नॉर्मल, ईको और स्पोर्ट मिलते हैं. वहीं, सेल्टॉस के जीटी लाइन में 1.4 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 7-स्पीड डुअल क्लच ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है. यदि आप इस कार को घर लाना चाहते हैं तो आपको पेट्रोल बेस वेरिएंट के लिए 9.69 लाख रुपए से लेकर 15.99 लाख रुपए एक्सशोरूम चुकाने होंगे. जानकारों के मुताबिक बाज़ार में सेल्टॉस का मुकाबला हाल ही में लॉन्च हुई एमजी हेक्टर के अलावा ह्युंडई क्रेटा, निसान किक्स, रेनो कैप्चर और टाटा हैरियर से हो सकता है.

ह्युंडई आई-10 निऑस लॉन्च

लंबे इंतजार के बाद दक्षिण कोरियाई कंपनी ह्युंडई ने भारत में अपनी लोकप्रिय हैचबैक ग्रैंड आई-10 का नया अवतार ‘निऑस’ लॉन्च कर दिया है. यह आई-10 की तीसरी पीढ़ी है और इसका ग्लोबल डेब्यू भारत से ही किया गया है. बताया जा रहा है कि विश्व के दूसरे बाज़ारों के लिए भी नई ग्रैंड आई-10 को भारत में ही तैयार किया जाएगा. भारत में इस कार के बेस वेरिएंट की कीमत 4.99 लाख रुपए (एक्सशोरूम दिल्ली) तय की गई है जो इसके टॉप एंड वेरिएंट के लिए 7.99 लाख रुपए (एक्सशोरुम दिल्ली) तक जाती है. जानकारी के अनुसार भारतीय बाज़ार में निऑस को आई-10 के मौजूदा मॉडल के साथ ही बेचा जाएगा.

ह्युंडई ने ग्रैंड आई-10 निऑस के कुल दस वेरिएंट पेश किए हैं. इनमें चार ट्रिम पेट्रोल मैनुअल, दो ट्रिम पेट्रोल ऑटोमेटिक, एक ट्रिम डुअल टोन (पेट्रोल), दो ट्रिम डीज़ल मैनुअल और एक डीज़ल ऑटोमेटिक है. ह्युंडई ने ग्रांड आई-10 निऑस को छह रंगों- पोलर व्हाइट, टाइफून सिल्वर, टाइटन ग्रे, फेयरी रेड, अल्फा ब्लू, एक्वा टील में लॉन्च किया है. इनमें से डुअल टोन के तौर पर पोलर व्हाइट और एक्वा टील कलर्स के साथ ब्लैक रूफ दी गई है.

यदि ग्रैंड आई-10 निऑस के लुक्स की बात करें तो ह्युंडई ने ग्लोबल डिज़ाइन लैंग्वेज को ध्यान में रखते हुए बिल्कुल फ्रेश फेस दिया है. कार के साथ दिए गए कई तरह के एंगुलर एलीमेंट लुक्स के मामले में इसे नया बनाते हैं. नई आई-10 की फ्रंट ग्रिल को भी बदल दिया गया है. इसकी इनसाइड बाउंड्री में दिए गए बूमरैंग एलईडी डे-टाइम रनिंग लैंप (डीआरएल) इसे पहले से बिल्कुल अलग अंदाज देते हैं. वहीं फॉग लैंप ट्राइंगुलर शेप के बॉक्स में अपनी ख़ूबसूरत मौज़ूदगी दर्ज़ करवाते हैं. कार के बोनट को कुछ ऐसे तैयार किया गया है कि यह पहले से बोल्ड नज़र आती है. यदि कार की साइड प्रोफाइल देखें तो यहां फ्लोटिंग रूफ, नई डिज़ाइन के 15-इंच डायमंड कट अलॉय व्हील्स और क्रोम डॉर हैंडल्स के साथ दिए राइजिंग विंडो लाइन इसे प्रीमियम हैचबैक का फील देती है.

यदि कार के इंटिरियर की बात करें तो यहां भी ह्युंडई ने नई आई-10 निऑस को प्रीमियम टच देने की कोशिश की है. डैशबोर्ड पर 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है जो एपल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो को सपोर्ट करता है. कार के साथ दिए स्टीअरिंग और एसी वेंट्स हाल ही में लॉन्च हुई कंपनी की ही सबकॉम्पैक एसयूवी वेन्यू से लिए गए हैं. यदि कार के अन्य फीचर्स की बात करें तो इनमें आर्कमिस साउंड सिस्टम (टॉप एंड वेरिएंट), वायरलैस फोन चार्जर, ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल और रियर एसी वेंट्स शामिल हैं.

सुरक्षा के लिहाज से ह्युंडई ग्रांड आई-10 निऑस के साथ एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रिब्यूशन (ईबीडी), डुअल एयरबैग्स, रियर पार्किंग सेंसर, ड्राइवर एंड पैसेंजर सीटबेल्ट रिमाइंडर और स्पीड अलर्ट सिस्टम स्टैडर्ड तौर पर शामिल किए गए हैं. वहीं कार के टॉप एंड वेरिएंट में रियर व्यू कैमरा, हैडलैंप एस्कॉर्ट सिस्टम, स्पीड सेंसिंग डोर लॉक और इंपेक्ट सेसिंग डोर लॉक सिस्टम दिए गए हैं. कार को तैयार करने में 65 प्रतिशत एडवांस्ड हाई स्ट्रेंथ स्टील (एएचएसएस) का इस्तेमाल किया गया है.

यदि परफॉर्मेंस की बात करें तो ग्रांड आई-10 निऑस के साथ मौजूदा 1.2 लीटर का पेट्रोल और डीज़ल इंजन इस्तेमाल किया जाएगा. इनमें से पेट्रोल इंजन 82 बीएचपी की पॉवर के साथ 114 एनएम का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. इस इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और 5-स्पीड एएमटी ट्रांसमिशन बॉक्स विकल्प के तौर पर जोड़ा गया है. वहीं कार के साथ लगा डीज़ल इंजन 74 बीएचपी पॉवर के साथ 190 एनएम अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. इस इंजन को भी 5-स्पीड मैनुअल के साथ 5-स्पीड एएमटी ट्रांसमिशन बॉक्स से जोड़ा गया है. कार का पेट्रोल इंजन मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ 20.7 किलोमीटर/लीटर और एएमटी के साथ 20.2 किमी/लीटर की माइलेज देन में सक्षम है. वहीं डीज़ल वेरिएंट की बात करें तो उसके दोनों ही वेरिएंट समान 26.2 किमी/लीटर की माइलेज देते हैं.

ह्युंडई ने ग्रैंड आई-10 निऑस को तब लॉन्च किया है जब भारतीय ऑटोसेक्टर भारी मंदी के दौर से गुज़र रहा है. इसके चलते अधिकतर प्रमुख कारों की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज़ की गई है. लेकिन लॉन्च से पहले ही आई-10 निऑस मंदी के प्रभाव को तोड़ती नज़र आती है. इस बात को कार को मिली बुकिंग के आंकड़े से समझा जा सकता है जो इसके लॉन्च होने से पहले ही 5000 को पार कर गया. इसके चलते ह्युंडई को इस साल बाज़ार में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. इससे पहले ह्युंडई की सबकॉम्पैक एसयूवी वेन्यू भी मंदी के बीच बिक्री के मोर्चे पर कमाल करने में सफल रही है. लॉन्च होने के महज साठ दिन के भीतर वेन्यू को 50 हजार बुकिंग मिल चुकी हैं.

हालांकि आई-10 निऑस को बाज़ार से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के बावज़ूद कह पाना थोड़ा मुश्किल है कि इसके आने से मारुति-सुज़ुकी स्विफ्ट की बिक्री पर कितना असर पड़ेगा! लेकिन यह तय माना जा रहा है कि ह्युंडई की यह नई पेशकश अपने और अपने से ऊपर वाले सेगमेंट में मौजूद दूसरी गाड़ियों, जैसे- फोर्ड फीगो और फॉक्सवैगन पोलो जैसी गाड़ियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है.