कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचे विपक्षी दलों के प्रतिनिमंडल को दिल्ली वापस लौटा दिया गया है. स्थानीय प्रशासन ने इस प्रतिनिधिमंडल के किसी नेता को एयरपोर्ट से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जिससे वे सभी वीवीआईपी लाउंज में ही बैठे रहे. खबरों के मुताबिक इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद, सीपीआईएम के सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, डीएमके के टी सिवा, आरजेडी के मनोज झा और टीएमसी के दिनेश त्रिवेदी भी शामिल थे.

इससे पहले इसी शुक्रवार को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ एक बैठक करने के बाद राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर जाकर वहां की जमीनी स्थिति जानने की घोषणा की थी. हालांकि उसके कुछ ही देर बाद स्थानीय प्रशासन ने वहां लगाए गए प्रतिबंधों और सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर उनसे अपना दौरा टालने की अपील भी की थी. गौरतलब है कि इसी महीने की पांच तारीख को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को हटाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का प्रस्ताव रखा था. फिर उसी दिन यह प्रस्ताव राज्यसभा और उसके अगले ही दिन उसे लोकसभा में भी पारित कर दिया गया था.

वहीं जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए इन अहम फैसलों के मद्देनजर सरकार ने पहले ही वहां बड़े पैमाने पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी थी. साथ ही इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद सुरक्षा-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फारुख अब्दुला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती जैसे मुख्यधारा के अलावा कई दूसरे अलगाववादी नेताओं को भी नजरबंद कर दिया था. ये नेता अब भी उसी हाल में हैं.

इधर, धारा 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर के हवाईअड्डों से ही विपक्ष के किसी नेता को लौटाए जाने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए श्रीनगर के अलावा जम्मू एयरपोर्ट से भी लौटाया जा चुका है. उस दौरान भी कांग्रेस नेता को स्थानीय प्रशासन ने एयरपोर्ट से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी थी. वहीं डी राजा को भी इसी महीने श्रीनगर एयरपोर्ट पर इस स्थिति का सामना करना पड़ा था.