भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू ने लगातार तीसरी बार विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश करके इतिहास रच दिया है. शनिवार को उन्होंने यह उपलब्धि विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त चीन की शटलर चेन यूफे पर एकतरफा जीत दर्ज करते हुए हासिल की. पीवी सिंधू ने अपनी चीनी प्रतिद्वंदी को 21-7 और 21-14 से हराया. विश्व की पांचवीं वरीयता प्राप्त सिंधू ने इससे पहले 2017 में ग्लास्गो और फिर 2018 में चीन के नानजिंग में हुई विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई थी. हालांकि उन दोनों ही मौकों पर खिताबी जीत दर्ज करने में वे असफल रही थीं.

इससे पहले इसी शुक्रवार को पीवी सिंधू ने क्वार्टर फाइनल मु​काबले में ताइवान की ताई जू यिंग को मात दी थी. करीब एक घंटे 11 मिनट तक चले उस मैच में सिंधू ने ताइवानी खिलाड़ी को 12-21, 23-21, 21-19 से हराया था.

इधर, शनिवार को ही विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पुरुष एकल वर्ग का मुकाबला भी खेला गया जिसमें जापान के केंटो मोमोटा के साथ भारत के साई प्रणीत की भिडंत हुई. लेकिन इस मुकाबले में प्रणीत को मोमोटा से 21-13, 21-8 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में भारतीय शटलर को अब कांस्य पदक से ही संतोष करना होगा. विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के पुरुषों के एकल मुकाबले में इससे पहले 1983 में प्रकाश पादुकोण ने कांस्य पदक हासिल किया था.